पुरी, जागरण संवाददाता

राज्य के 19 जिला को सूखा ग्रस्त जिला के रूप में घोषित किए जाने के बावजूद पुरी जिला को इस सूची से वंचित रखा गया है। इससे यहां के किसानों में आक्रोश है। पुरी जिला को सूखा प्रभावित जिला के रूप में घोषणा करना, धान कुन्तल पीछे 2500 रुपया निर्धारित करना, खाद मूल्य कम करना, सभी किसानों को 60 साल में 2000 रुपया करके पेंशन प्रदान करने के लिए मांग करते हुए किसान संघर्ष समिति उत्कल राज्य किसान सभा के पुरी जिला संगठन की ओर से जिलाधीश कार्यालय के सामने धरना दिया गया था। जिला के विभिन्न इलाके से आए हुए किसान इस गणधरना में हिस्सा लिए थे। तपन उपाध्याय, गोपाल प्रधान, जगन्नाथ देव, कृष्ण चन्द्र राउत, वनमाली साहू और सहदेव महारणा प्रमुख किसानों ने इस गणधरना का नेतृत्व लिए थे। विभिन्न मांग को लेकर किसानों के द्वारा विभिन्न नारेबाजी की गई। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने उद्बोधन देते हुए किसानों की समस्या के बारे में उल्लेख करने के साथ शीघ्र ही सभी मांग के समाधान को जोर डाले थे। किसान नेताओं ने कहा कि पुरी जिला के 8 ब्लाक सूखा के द्वारा प्रभावित हुआ है। जिला को सूखा प्रभावित के रूप में अभी तक घोषित नहीं किया गया है। सभी सामानों की कीमत दुगुनी हो गई है। सरकारी नौकरी और विधायकों के वेतन बढ़ा दिए गए हैं। लेकिन पिछले तीन सालों से धान बीज कुण्टल पीछे मूल्य 1 हजार रुपया है। नाफेड के द्वारा किसानों को दिए गए बीज निम्न स्तर का है। 2011 अगस्त के बाढ़ में और बारिश में प्रभावित किसानों को क्षतिपूरण प्रदान तथा किसानों के आत्महत्या रोकने के दिशा में सरकार कदम उठाने के लिए किसानों की तरफ से मांग की गई थी। इस अवसर पर एक प्रतिनिधि दल जिलाधीश को साक्षात कर स्मारक पत्र प्रदान किया है। आगामी शनिवार के दिन पुरी जिला के सभी ब्लाक के किसान प्रतिनिधियों को बुलाकर समस्या के बारे में आलोचना करने के लिए जिलाधीश आश्वासन देने के बाद धरना वापस लिया गया।

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