पुरी, जागरण संवाददाता

राज्य स्तरीय अनुष्ठान सुधा की तरफ से आशीर्वाद मण्डप में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ है। कलाकारों ने अशोक और कलिंग युद्ध व धर्मपद नृत्य नाटिका परिवेषण किया था। कलिंग युद्ध के सम्राट अशोक के मन में युद्ध के बाद मरे हुए लोगों को देख दुख प्रकट हुआ था। इस युद्ध के बाद परिवर्तित हुआ था चण्डा अशोक से अशोक और धर्माशोक। इस प्रभावशाली कथावस्तु पर आधारित था अशोक के कलिंग युद्ध नृत्य नाटक। कलिंग युद्ध अशोक के मन में कैसे युद्ध के प्रति विकार मनोभाव उत्पन्न किया था और वह दुखी होकर तलवार की जय सत्य की जय नहीं है, ऐसी ही हृदयंगम किए थे, उसी कथा को कलाकारों ने अभिनय के जरिए प्रदर्शित किया। यह नृत्य नाटिका दर्शकों को विमोहित कर दिया। उसी तरह धर्मपद नृत्य नाटिका था कोणार्क मंदिर के किम्बदंति पर आधारित कोणार्क मंदिर के दधिनौती निर्माण के बाद 1200 कारीगरों के जीवन रक्षा को धर्मपद आत्मबलि प्रदान किया था। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से सभी ऐतिहासिक तथ्य प्रदर्शित किया गया। कलाकारों का अभिनव काफी प्रभावशाली था। अनुष्ठान के अध्यक्ष संजय कुमार मिश्र ने नृत्य नाटिका का परिचालन किए। शुभश्री जयसिंह, मृणालिनी दास, पायल बनर्जी, मनोस्वनी घटुवारी, मनोस्मिता साहू, भाग्यलक्ष्मी साहू, संतोषी दास प्रमुख दोनों नृत्य नाटिका में जीवन्त अभिनय किए थे।

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