जागरण संवाददाता, पुरी : स्नान पूर्णिमा के बाद श्रीमंदिर में तीनों विग्रहों की पूजा-अर्चना बंद हो गई है। विदित हो कि 108 घड़े जल से स्नान करने के बाद बीमार पड़ने के चलते भगवान का उपचार होता है और श्री मंदिर में जगन्नाथ, बलभद्र तथा देवी सुभद्रा के स्थान पर पटी दिअं पूजा होती है। इस दौरान पुरी जिले के अलारनाथ में 14 दिन के लिए भगवान के दर्शन की परंपरा है। ब्रह्मंागिरी के अलारनाथ मंदिर की तरफ भक्तों का आना बढ़ गया है। पुरी से तकरीबन 22 किलोमिटर दूर अलारनाथ मंदिर में अणसर के दौरान दर्शन करने से अशेष पुण्य मिलने की कामना लेकर भक्त पहुंचते हैं। प्रशासन ने अलारनाथ में जुटने वाले भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के प्रबंध किए हैं। उधर, अलारनाथ मंदिर में यज्ञ, नाम संकीर्तन आरंभ हो गया है। यहां भगवान को अर्पित होने वाले प्रसाद में खीर का विशेष महत्व है।