संसू, झारसुगुड़ा : मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य में गत 15 अगस्त से बीजू स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होने की घोषणा की है। इस योजना में बीमा भुक्त महिलाओं के लिए सात लाख रुपये तथा पुरुषों को पांच लाख रुपये की निश्शुल्क चिकित्सा सेवा प्रतिवर्ष मिलने का भरोसा दिया गया है। लेकिन एक ही महीने में सरकार की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। जिसमें बुर्ला स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में यह बीमा योजना लागू न होने की बात कहकर एक मरीज को बैरंग वापस लौटा दिया गया। जिससे राज्य सरकार की योजना महज एक प्रहसन साबित हो रही है।

झारसुगुड़ा जिले के कोलाबिरा अंचल के गुणसागर मांझी ने इस योजना के तहत अपना बीमा कार्ड बनाया है। उसकी पत्नी वैदेही मांझी के पेट में दर्द होने से उसने पहले जिला चिकित्सालय में पत्नी का चेकअप कराया। लेकिन स्थिति जटिल होने से जिला चिकित्सालय ने बुर्ला मेडिकल, विमसार रेफर किया। गत 31 अगस्त को वहां पर जाने के बाद उसने अपनी पत्नी को भर्ती कराने के बाद खून की जांच कराने की सलाह दी गयी। वहां पर जांच कराने के लिए अपना बीमा कार्ड दिखाया तो उसे बताया गया कि यहां पर यह बीमा कार्ड नहीं चलता। जिससे उससे मजबूरन पैसे देकर खून की जांच करानी पड़ी। वहीं रक्त जांच कराने के बाद ऑपरेशन की बात कही गई तथा इसमें एक लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई, लेकिन गुणसागर के पास इतनी बड़ी रकम खर्च करने का साम‌र्थ्य न होने तथा बीमा कार्ड भी काम न करने से वह अपनी बीमार पत्नी को लेकर घर वापस लौट आया।

Posted By: Jagran