संवादसूत्र, कटक : ओडिशा रूरल हाउ¨सग डेवलेपमेंट कार्पोरेशन (ओआरएचडीसी) घोटाला मामले में विजिलेंस की विशेष अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए आइएएस विनोद कुमार को हाईकोर्ट से सामान्य राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें आगामी 19 जुलाई तक अंतरिम सुरक्षा दी है। 19 जुलाई तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। हाईकोर्ट ने यह अपने निर्देश में स्पष्ट किया है। इससे पूर्व ओआरएचडीसी घोटाले में फंसे निगम के कार्यपालक निदेशक पूर्णचंद्र दास, एकाउंट्स आफिसर प्रदीप कुमार राउत एवं एकाउंटेंट चित्तरंजन मलिक को भी हाईकोर्ट ने इसी तरह की अंतरिम सुरक्षा दी थी। विजिलेंस की विशेष अदालत द्वारा दी गई राय को चुनौती देकर चार अधिकारियों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जेपी दास की अदालत में मामले की सुनवाई हुई है। आगामी 19 जुलाई को इस मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि ओआरएचडीसी घोटाले में विजिलेंस की विशेष अदालत ने आइएएस विनोद कुमार के साथ 6 लोगों को दोषी करार दिया है। सभी को तीन साल की जेल एवं 75 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया गया है। विनोद कुमार के साथ अन्य तीन अधिकारी फैसले के दिन अदालत में हाजिर नहीं हुए थे, जिससे उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ था। गिरफ्तारी को टालने के लिए इन चारों अधिकारियों ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी, जिसकी सुनवाई कर हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम सुरक्षा दी है।

Posted By: Jagran