कटक, जेएनएन। कटक जिला के चौद्वार शंकरपुर में मौजूद गुड न्यूज इंडिया की शाखा ड्रीम होम प्रशिक्षु कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), जिला शिशु सुरक्षा अधिकारी (डिस्टिक चाइल्ड प्रोटेक्शन आॅफिसर) एवं चाइल्ड लाइन की तरफ से संयुक्त रूप से शुक्रवार रात में अचानक छापा मारते हुए 42 शिशुओं को छुड़ा लिया गया है, जिसमें से 40 नाबालिग हैं एवं दो बालिग हैं। छापा मारने के बाद अाठ बच्चों के लापता होने की बात पता चली है। छुडाएं हुए बच्चों को चौद्वार स्थित शिशु सदन में रखा गया है। 

खबर के मुताबिक ढेंकानाल स्थित बेलटिकिरी शेल्टर होम के सील किए जाने के बाद से ही संस्था द्वारा संचालित राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे 22 बाल आश्रम को बंद कर दिया गया था। सरकारी स्तर पर बंद किए गए इस अनुष्ठान में गैरकानूनी तौर पर यहां पर बच्चों को रखे जाने की खबर मिलने के बाद शिशु कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्षा मंदाकिनी जेना अन्य प्रमुख सदस्यों के साथ वहां पहुंची। बांस की झोपड़ी में इन बच्चों को बहुत ही बदहाल अवस्था में रखा गया था। टीम ने वहां से चौद्वार पुलिस की मदद से इन बच्चों को उद्धार किया है।

सीडब्ल्यूसी अध्यक्षा श्रीमती जेना ने कहा है कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। गैरकानूनी ढंग से शेल्टर होम चला रहे ड्रीम होम के संचालक दीपक परमाणिक के नाम पर मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में ड्रीम हो नामक इस शेल्टर होम का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से इसका और नवीकरण नहीं किया गया है। ऐसे में इस पर नजर रखी जा रही थी। ढेंकानाल बेलटिकरी शेल्टर होम घटना सामने आने के बाद पिछले साल दिसंबर महीने में प्रशासन की तरफ से इस ड्रीम होम पर छापामारी की गई थी। ऐसे में यह शेल्टर होम सील होने के बावजूद कैसे चल रहा था इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध ड्रीम होम के संचालक दीपक परमाणिक ने कहा है कि बच्चों की परीक्षा थी। परीक्षा करवाने के लिए उन्हें यहां पर अस्थाई तौर पर रखा गया था। परीक्षा के बाद उन्हें उनके घर भेज दिया जाता। 

Posted By: Babita