जासं, कटक। Murder In Odisha:  ओडिशा में कटक जिले के माहांगा में शनिवार रात 22 अपराधियों ने माहांगा पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष व सालेपुर भाजपा प्रभारी कुलामणि बराल व उनके सहयोगी दिव्या सिंह बराल की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। उधर, मृतक के पुत्र रमाकांत बराल ने कानून मंत्री प्रताप जेना पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। घटना के बाद सालेपुर थाना पुलिस समेत कटक जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। साइंटिफिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर छानबीन की। बताया गया कि शनिवार रात करीब 7:30 बजे कुलामणि बराल और दिव्य सिंह बराल जांकोटी गांव के रास्ते मोटरसाइकिल से अपने गांव नृतांग लौट रहे थे।

जांकोटी ब्राह्मण साही के पास 22 से अधिक हमलावरों ने हमला कर दिया। दोनों बाइक से गिर गए। इसके बाद हमलावरों ने उनके सिर और मुंह पर धारदार हथियार से वार कर अधमरा कर दिया। दोनों को माहांगा अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुलामणि के समर्थक अस्पताल पहुंचे। दोनों को कटक एससीबी मेडिकल भेजने की सलाह डाक्टर को दी। लेकिन कुलामणि की मौत हो गई। दिव्य सिंह को कटक एससीबी मेडिकल रेफर किया गया। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव स्वजन को सौंप दिए गए।

उधर, पुत्र रमाकांत बराल ने कहा कि राजनैतिक विवाद के चलते उनके पिता कुलामणि बराल की हत्या की गई है। राज्य सरकार के विभिन्न घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखा था। विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में ये पत्र लिखे गए थे। इसी वजह से उनकी हत्या की गई है। आरोप लगाया कि इसमें कानून मंत्री प्रताप जेना का हाथ है।

वहीं, कानून मंत्री प्रताप जेना ने घटना को निंदनीय बताया है। कहा कि बीजू जनता दल किसी तरह से हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करता है। पुलिस छानबीन कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे। विपक्ष का आरोप बेबुनियाद है। 13 दिसंबर वर्ष 2018 की रात माहांगा नृत्तांग पंचायत में भी भाजपा नेता व जाकोटी गांव के प्रमुख विकास जेना की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

 

Edited By: Sachin Kumar Mishra