कटक, जेएनएन। बालेश्वर जिला में महिला न्यायाधीश अनुपमा बेहेरा की हत्या के मामले में छह साल बाद आए फैसले में दोनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बुधवार को कटक जिला की अदालत ने हत्या मामले में अभियुक्त दो भाइयों ज्योति रंजन महांती एवं प्रियरंजन महांती को दोषी करार दिया। इसके अलावा दोनों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर और एक साल जेल में रहना होगा। 

अनुपमा बेहेरा बालेश्वर जिला जज कोर्ट में प्रोसेस इंस्पेक्टर के तौर पर कार्य कर रही थीं। तरक्की मिलने के बाद वह कोरापुट में नए सब जज के तौर पर योगदान करने वाली थीं। इसी बीच 15 मार्च 2013 को बालेश्वर जज कालोनी में सरकारी आवास पर उनका शव मिला। घटना की छानबीन के दौरान दोनों भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। अनुपमा के पति पुरी में डॉक्टर थे। अनुपमा वहां पर अकेली रहती थीं। अनुपमा से दोनों भाइयों की करीबी पहचान थी। 

इस मामले की सुनवाई बालेश्वर की निचली अदालत में चल रही थी कि दोनों भाइयों ने मामले की सुनवाई बालेश्वर के बाहर भुवनेश्वर या कटक में कराए जाने की बात को दर्शाते हुए एकयाचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि मृतक अनुपमा बालेश्वर कोर्ट में एक न्यायिक अधिकारी थी और वहां पर काम करने वाले तमाम न्यायिक अधिकारी उनके सह कर्मचारी हैं। ऐसे में मामले में सही न्याय नहीं हो सकेगा। यह बात ज्योति एवं प्रिय के वकील ने हाईकोर्ट में कही थी। इसकी सुनवाई कर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई कटक जिला एवं दौरा जज की अदालत में कराए जाने के लिए इजाजत दी थी। इससे इस मामले की सुनवाई कटक जिला एवं दौरा जज कोर्ट में हो रही थी। कोर्ट में मौजूद मृतक अनुपमा के भाई अमीय रंजन बेहेरा ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। सजा पाने वाले दोनों ज्योति रंजन एवं प्रियरंजन के वकील जगबंधु पंडा के मुताबिक इस फैसला को चुनौती देकर हम ऊपरी अदालत में गुहार लगाएंगे।

Posted By: Babita