कटक, जागरण संवाददाता। Cuttack Judge Case: ओडिशा (Odisha) में कटक स्पेशल पोक्सो कोर्ट (Cuttack Special Pocso Court) के जज सुभाष कुमार बिहारी (Judge Subhash Kumar Bihari) की मां ने आरोप लगाया है कि उनके न्यायाधीश बेटे ने आत्महत्या नहीं की, उसकी पत्नी और साले ने मिलकर उसकी हत्या की है। इस मामले की लिखित शिकायत वह थाने में करेंगी और मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग करेंगी।

आत्महत्या के कारणों की पड़ताल में जुटी पुलिस

इधर, पुलिस आत्महत्या के कारणों की पड़ताल में जुट गई है। क्या जज किसी तरह का मानसिक दबाव झेल रहे थे, उनके पारिवारिक रिश्ते आदि बिंदुओें पर जांच चल रही है। इस बीच, शनिवार की सुबह पुरी स्वर्गद्वार में न्यायाधीश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। न्यायाधीश की दो बेटियों में से बड़ी बेटी प्रीति स्निग्धा ने उन्हें मुखग्नि दी। बताते चलें कि शुक्रवार को न्यायाधीश का शव सीडीए सेक्टर-9 स्थित उनके आवास में फंदे से झूलता पाया गया था।

सरकारी आवास में मिला था शव

कटक पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सुभाष कुमार बिहारी ने शुक्रवार की सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव कटक सीडीए सेक्टर-9 स्थित सरकारी आवास में पंखे से एक रस्सी के सहारे लटका मिला। जिस समय यह घटना घटी, उनकी पत्नी और बच्चे घर पर नहीं थे। जब वे बाहर से लौटे तो न्यायाधीश को पंखे से लटका पाया। आनन-फानन में उन्हें एक निजी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वे मूल रूप से ओडिशा के जाजपुर जिले के भुवनेश्वरपुर गांव के रहने वाले थे। न्यायाधीश सुभाष दो दिनों की छुट्टी पर थे। शुक्रवार को ही उन्हें योगदान देना था, परंतु शुक्रवार की ही सुबह उन्होंने अपने स्टेनो को फोन कर छुट्टी बढ़ाने को कहा था।

एसीपी ने किया घटनास्थल का अवलोकन

इधर, घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे एसीपी तापस प्रधान ने घटनास्थल का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि घटना स्थल से सुसाइड नोट आदि नहीं मिले हैं। रस्सी व वहां से बरामद अन्य सामग्री को जब्त कर लिया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जज के छोटे भाई सुबोध कुमार बिहारी के अनुसार माता-पिता सब गांव में रहते हैं। गांव में किसी भी प्रकार का पारिवारिक विवाद नहीं था। वहीं, उनके साथ काम करने वाले अधिवक्ताओं का कहना है कि वे शांत स्वभाव के इंसान थे। युवा अधिवक्ताओं को वह कार्य करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया करते थे।

Edited By: Sachin Kumar Mishra

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