जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Odisha: ओडिशा में कंधमाल जिले के जलेशपट्टा ग्राम में स्थित कन्याश्रम को उड़ा देने और परिचालक को जान से मारने की धमकी का मुद्दा अचानक सुर्खियों में आ गया है। शनिवार को कन्याश्रम के परिचालक को जान से मारने की दोबारा धमकी मिली है। परिचालक जीवन मुक्तानंद गिरी ने तुमुडिबंध थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इधर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रदेश की सरकार विधर्मी ताकतों के दबाव में काम कर रही है। गौरतलब है कि इसी जलेशपटा आश्रम में आठ साल पहले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की निर्मम हत्या कर दी गई थी। कंधमाल जिला धर्मांतरण के लिए काफी चर्चित रहा है। यहां के भोले-भाले आदिवासियों को ईसाई मिशनरियों द्वारा बहला-फुसलाकर क्रिश्चियन धर्म में शामिल कराया जाता है।

इलाके में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती ने जागरूकता का अभियान चलाया था, जिससे मिशनरियों ने पसंद नहीं किया और इसे लेकर मिशनरियों के साथ उनकी सर्वदा टकराव की स्थिति रही थी। अब फिर से कन्याश्रम के परिचालक को जान से मारने की धमकी दी गई है। विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट किया कि 2008 में लक्ष्मणानंद सरस्वती को फोन पर धमकी मिली थी जिसे प्रदेश सरकार ने हल्के में लिया और उनकी हत्या कर दी गई। आरोपी अभी तक फरार है। जलेशपटा कन्याश्रम के परिचालक को तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए। आश्रम के परिचालक जीवनमुक्त आनंदपुरी को फोन पर धमकी दी गई है।

इसे लेकर विश्व हिंदू परिषद का आरोप है कि 2008 में लक्ष्मण आनंद सरस्वती को भी इस तरह की धमकियां मिली थी, जिसे प्रदेश सरकार ने काफी हल्के में लिया था, सरकार अब पुन: उन्हीं गलतियों को दोहरा रही है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर सामने आने के बाद ओडिशा स्कूल व जनशिक्षा विभाग ने सतर्कता बरतते हुए सभी स्कूलों में एसओपी का अनुपालन सख्ती के साथ करने के लिए राज्य स्कूल व जनशिक्षा मंत्री समीर निर्देश जारी किया है। मंत्री ने स्कूलों में व्यक्तिगत दुराव का अनुपालन करने, मास्क पहनने तथा हाथ को साबुन से धोने आदि संदर्भ में सावधानी बरतने को कहा है।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप