संवाद सूत्र, भुवनेश्वर : इस साल शिक्षक दिवस मे एक नया ही दृश्य देखने को मिल रहा है। आज शिक्षक दिवस या गुरु दिवस के मौके पर राजधानी में बारिश के मध्य रास्ते पर शिक्षकों का धरना चल रहा है। शिक्षक काला दिवस मना रहे हैं तो आखिरी वक्त पर शिक्षक सम्मान उत्सव को रद कर दिया गया है। सरकार के विद्यालय और गणशिक्षा विभाग की ओर से गुरु दिवस के मौके पर पुरस्कार प्रदान की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। मगर आखिरी समय पर इसे रद करने का पत्र जारी कर दिया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झारसुगुड़ा के एक निजी स्कूल शिक्षक द्वारा पुरस्कार चयन को लेकर हाईकोर्ट में दायर एक मामला सरकार के लिए गले की फांस बन गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में स्थगनादेश देने के चलते सरकार ने पांच सितंबर के उत्सव को रद किया है। इस साल पुरस्कार के लिए 158 शिक्षक-शिक्षिकाओं को चयनित किया गया था। इनमें से 101 शिक्षक जिलास्तर पर पुरस्कार के हकदार थे। बाकी 57 शिक्षक-शिक्षिकाओं को राज्य स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया जाना था। बुधवार को जयदेव भवन में पुरस्कार उत्सव के लिए सारी तैयारी हो चुकी थी। निमंत्रण पत्र बांटे जा चुके थे। जनशिक्षा विभाग ने स्पष्टीकरण दिया है कि सरकार द्वारा कोर्ट में दाखिल जवाब को माना नहीं गया इसके चलते बाध्य होकर पुरस्कार उत्सव को रद करना पड़ा है।

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