स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा न देने की मांग, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वदेशी जागरण मंच का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
स्वदेशी जागरण मंच ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा का लाइसेंस न देने ...और पढ़ें

स्वदेशी जागरण मंच ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।
HighLights
स्वदेशी जागरण मंच ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन।
स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस न देने की मांग।
राष्ट्रीय सुरक्षा और नियंत्रण पर जताई चिंता।
संवाद सूत्र, पुरी। एलन मस्क की स्वामित्व वाली अमेरिकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी 'स्टारलिंक' को भारत में इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की अनुमति दिए जाने के खिलाफ विरोध तेज हो गया है।
इसी क्रम में, स्वदेशी जागरण मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। मंच का स्पष्ट तर्क है कि इस अमेरिकी कंपनी को भारत में प्रवेश देने से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के समक्ष गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।
पुरी जिला संयोजक वासुदेव साहू के नेतृत्व में मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी से मुलाकात कर यह ज्ञापन सौंपा। स्वदेशी जागरण मंच ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को रेखांकित किया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा: मंच का कहना है कि स्टारलिंक जैसी विदेशी सैटेलाइट संचार कंपनियों के नियंत्रण और डेटा सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल हैं।
- पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) से संबंध: ज्ञापन में स्टारलिंक और अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के कथित रणनीतिक संबंधों का उल्लेख किया गया है, जिसके चलते भारत जैसे संप्रभु राष्ट्र के सामरिक हितों पर असर पड़ सकता है।
- रूस-यूक्रेन युद्ध का संदर्भ: प्रतिनिधिमंडल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान स्टारलिंक की संदिग्ध भूमिका का हवाला देते हुए आशंका जताई कि इस तकनीक का उपयोग कूटनीतिक और सैन्य दबाव के लिए किया जा सकता है। इसलिए, भारतीय सामरिक हितों की रक्षा के लिए इसे भारत में परिचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार
वैश्विक और घरेलू प्रतिस्पर्धा: भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड बाजार तेजी से उभर रहा है, जहां वनवेब (भारती एयरटेल समर्थित) और जियो सैटेलाइट जैसी कंपनियां भी अपनी सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया में हैं।
नियामक आवश्यकताएं: भारत सरकार और दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियमों के अनुसार, किसी भी सैटेलाइट कम्युनिकेशंस सेवा प्रदाता को देश में स्पेक्ट्रम आवंटन और लाइसेंसिंग के कड़े सुरक्षा मानकों को पूरा करना होता है। सरकार डेटा स्थानीयकरण और सुरक्षा ऑडिट पर विशेष जोर दे रही है।
स्टारलिंक की स्थिति: स्टारलिंक भारत में कमर्शियल सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए लंबे समय से लाइसेंस का इंतजार कर रही है, लेकिन सुरक्षा अनुपालन और अन्य विनियामक मंजूरियों को लेकर प्रक्रिया अभी विचाराधीन है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे
ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वदेशी जागरण मंच के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
- प्रशांत कुमार भूयां (पूर्वी प्रांत सह-संयोजक)
- विश्वनाथ पंडा (विभाग संयोजक)
- रोजा प्रियदर्शी (पुरी जिला समन्वयक)
- सरोज कुमार मिश्र (जिला विचार प्रमुख)
- ममता दाश, जगन्नाथ षडंगी, सर्वेश्वर स्वाईं और संजय महांति सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता।