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जूनियर हॉकी एशिया कप में चमके सुंदरगढ़ के आदिवासी सितारे, अनमोल और संजीत का हुआ भव्य स्वागत

Published: Sat, 19 Sep 2026 06:33 PM (IST)

भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने जूनियर हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक जीता, जिसमें सुंदरगढ़ के अनमोल एक्का और संजीत ...और पढ़ें

अनमोल और संजीत का हुआ भव्य स्वागत

अनमोल और संजीत का हुआ भव्य स्वागत

HighLights

  1. भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने एशिया कप में स्वर्ण पदक जीता।

  2. सुंदरगढ़ के अनमोल एक्का और संजीत तिर्की ने अहम भूमिका निभाई।

  3. अनमोल एक्का ने 17 गोल कर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब जीता।

संवाद सूत्र, राजगांगपुर (सुंदरगढ़)। हॉकी की नर्सरी के रूप में विख्यात ओडिशा के सुंदरगढ़ की माटी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। जूनियर हॉकी एशिया कप में भारतीय टीम ने अजेय प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। 

देश की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम सफलता में सुंदरगढ़ जिले के राजगांगपुर विधानसभा अंतर्गत केसरामाल के उभरते सितारे अनमोल एक्का और संजीत तिर्की की भूमिका बेहद अहम रही। 

इन आदिवासी खेल प्रतिभाओं ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचलों में निखरी प्रतिभाएं विश्व पटल पर देश का प्रतिनिधित्व करने और चैंपियन बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं। 

टूर्नामेंट में अनमोल एक्का का खेल असाधारण रहा

भारतीय जूनियर हॉकी टीम में सुंदरगढ़ जिले से कुल तीन होनहार खिलाड़ियों ने जगह बनाई थी, जिनमें से दो राजगांगपुर क्षेत्र के हैं। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में अनमोल एक्का का खेल असाधारण रहा। 

उन्होंने अपने अचूक निशाने और आक्रामक खेल की बदौलत पूरी प्रतियोगिता में कुल 17 गोल दागकर दुनिया भर के खेल विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके इस उत्कृष्ट खेल कौशल और गोल करने की क्षमता के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के सम्मान से भी नवाजा गया। 

पूरे अंचल में जश्न का माहौल

अनमोल और संजीत के इस बेहतरीन तालमेल और जादुई प्रदर्शन ने न केवल भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में मुख्य भूमिका निभाई, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। एशिया कप में भारत का परचम लहराने के बाद जब ये दोनों होनहार खिलाड़ी अपने गृह क्षेत्र राजगांगपुर पहुंचे, तो पूरे अंचल में जश्न का माहौल छा गया। 

पंचायतवासियों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आदिवासी लोक नृत्य के साथ अपने नायकों का भव्य स्वागत किया। ग्रामीण परिवेश की पगडंडियों से निकलकर एशिया कप जैसे बड़े मंच तक पहुंचने का इन युवा खिलाड़ियों का यह सफर देशभर के उदीयमान खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। 

इस सफलता ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि देश के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में विश्वस्तरीय खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जो अवसर मिलने पर देश के लिए इतिहास रच सकती हैं।

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