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NIT राउरकेला द्वारा डिजाइन स्वदेशी चिप PM मोदी को की गई भेंट, ओडिशा ने बढ़ाया देश का मान

Published: Fri, 18 Sep 2026 12:59 PM (IST)

एनआईटी राउरकेला ने सेमीकॉन इंडिया 2026 में अपनी स्वदेशी चिप डिजाइन क्षमता का प्रदर्शन किया, जहां उनकी बनाई एक विशेष चिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की गई।

स्वदेशी चिप PM मोदी को की गई भेंट

स्वदेशी चिप PM मोदी को की गई भेंट

HighLights

  1. एनआईटी राउरकेला ने सेमीकॉन इंडिया में स्वदेशी चिप क्षमता प्रदर्शित की।

  2. प्रधानमंत्री मोदी को एनआईटी राउरकेला द्वारा डिजाइन चिप भेंट की गई।

  3. यह चिप भारत के सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान है।

जागरण संवाददाता, राउरकेला। भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में राजधानी नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 में ओडिशा के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला ने अपनी स्वदेशी चिप डिजाइन क्षमता का शानदार राष्ट्रीय प्रदर्शन किया है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में एनआईटी राउरकेला द्वारा डिजाइन की गई एक विशेष चिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की गई। 

यह चिप देश के 20 अग्रणी संस्थानों के योगदान को दर्शाने वाले एक प्रतीक चिह्न का हिस्सा थी, जिसे भारत की उभरती हुई सेमीकंडक्टर प्रतिभाओं ने प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर ओड़िशा से एकमात्र संस्थान के रूप में एनआईटी राउरकेला ने अपनी जगह बनाकर पूरे राज्य का राष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री मोदी से सीधे संवाद का अवसर 

एनआईटी राउरकेला के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग के पीएचडी शोधार्थी प्रदीप कुमार मोहंती ने उन चुनिंदा छात्र डिजाइनरों का प्रतिनिधित्व किया, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी से सीधे संवाद का अवसर मिला। 

प्रदीप द्वारा डिजाइन की गई एस्कॉन एईएडी सिक्योरिटी चिप (सी2एस0091) एक बेहद हल्की और उन्नत क्रिप्टोग्राफिक सुरक्षा चिप है। इसे मुख्य रूप से इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और एम्बेडेड सिस्टम के लिए सुरक्षित डेटा एन्क्रिप्शन और प्रमाणीकरण प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। 

इस चिप का विकास प्रोफेसर अयस कांत स्वाई और प्रोफेसर कमलाकांत महापात्र के कुशल निर्देशन में किया गया है, जो डाटा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि है।

चिप का निर्माण (फैब्रिकेशन) मोहाली में किया गया

इस अत्याधुनिक स्वदेशी चिप का विकास इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई ) के महत्वाकांक्षी 'चिप-टू-स्टार्टअप' (सी 2एस) कार्यक्रम के तहत किया गया है। संस्थान में इस अहम परियोजना का नेतृत्व प्रोफेसर कमलाकांत महापात्र और प्रोफेसर अयस कांत स्वाई कर रहे हैं। इस चिप का निर्माण (फैब्रिकेशन) मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर कॉम्प्लेक्स लिमिटेड (एससीएल) में किया गया है। 

केवल डिजाइन तक सीमित न रहकर स्वदेशी चिप को सिलिकॉन के रूप में भौतिक आकार देने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत की आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया की कहानी बयां करता है।

एनआईटी राउरकेला का योगदान बहुत पुराना

ओड़िशा में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने में एनआईटी राउरकेला का योगदान बहुत पुराना और सुदृढ़ है। संस्थान प्रोफेसर कमलाकांत महापात्र के मार्गदर्शन में वर्ष 1999 से ही चिप डिजाइन और इसके लिए जरूरी कुशल मानव संसाधन तैयार करने में जुटा है। 

इन वर्षों में संस्थान ने छात्रों और शोधकर्ताओं को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि चिप डिजाइनिंग से लेकर फैब्रिकेशन और सिस्टम-लेवल एप्लीकेशन तक के व्यावहारिक मौके उपलब्ध कराए हैं।

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