ओडिशा के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से शुरू होगी जीप सफारी, हर दिन केवल 60 वाहनों को ही मिलेगी एंट्री
ओडिशा का सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व 1 नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुल रहा है, जिसमें प्रतिदिन 60 वाहनों को प्रवेश और जीप सफारी की सुविधा मिलेगी।

सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व
HighLights
सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व 1 नवंबर से पर्यटकों के लिए खुलेगा।
प्रतिदिन 60 वाहनों को प्रवेश, जीप सफारी की सुविधा मिलेगी।
वन्यजीव सुरक्षा हेतु सख्त नियम और ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (एसटीआर) एक नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। वन विभाग ने 2026-27 के पर्यटन सत्र के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध सिमिलिपाल में पर्यटकों को प्रवेश देने के साथ ही वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कई नियम भी लागू किए गए हैं।
रोजाना 60 वाहनों को प्रवेश की अनुमति
पर्यटन प्रबंधन और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिमिलिपाल में प्रतिदिन अधिकतम 60 चारपहिया वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इनमें से 35 वाहन जसिपुर गेट और 25 वाहन पीठाबाटा गेट से प्रवेश कर सकेंगे। वाहनों के वैध दस्तावेज होना अनिवार्य है। साथ ही, वाहन का ग्राउंड क्लीयरेंस कम से कम 180 मिलीमीटर होना चाहिए। भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
ऑनलाइन बुकिंग और गाइड अनिवार्य
सिमिलिपाल घूमने के लिए पर्यटकों को इसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पहले से प्रवेश पास बुक करना होगा। पीठाबाटा गेट से सुबह आठ से नौ बजे तक और जसिपुर गेट से सुबह पांच से नौ बजे तक प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
प्रवेश के समय पर्यटकों के सरकारी पहचान पत्रों की जांच की जाएगी। प्रत्येक वाहन के साथ एक अधिकृत गाइड का होना अनिवार्य होगा।
पर्यटकों को शाम चार बजे तक जोरंदा और बरेहीपानी जलप्रपात क्षेत्र से निकलना होगा। इसके अलावा, शाम छह बजे से पहले कालिकाप्रसाद या पीठाबाटा गेट से अभयारण्य के बाहर निकलना अनिवार्य है।
जीप सफारी और रात्रि विश्राम की सुविधा
नए पर्यटन सत्र में पर्यटक स्थानीय इको डेवलपमेंट कमेटी (ईडीसी) द्वारा संचालित ओपन जीप सफारी का आनंद ले सकेंगे। गुडुगुडिया, पीठाबाटा, जामुआणी, तालबंध और बरेहीपानी से सफारी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए राज्य की इको-टूर वेबसाइट के माध्यम से अग्रिम बुकिंग करानी होगी।
सुबह की सफारी तड़के 5:30 बजे शुरू होकर पांच घंटे तक चलेगी, जबकि दोपहर की सफारी दो बजे से शुरू होकर चार घंटे तक चलेगी।
इसी तरह, कुमारी, गुडुगुडिया, तालबंध, बरेहीपानी और जामुआणी स्थित प्रकृति निवासों में रात्रि विश्राम की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए ऑनलाइन अग्रिम आरक्षण कराना अनिवार्य होगा।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सख्ती
अभयारण्य के भीतर रात में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वन्यजीव संरक्षण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने या जंगल में कचरा फेंकने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन व्यवस्था सुचारु रखने और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सिमिलिपाल के एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुलने से मयूरभंज जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा संबंधी नियमों का भी पालन करना होगा।
