संसू, भुवनेश्वर : राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) की निदेशक शालिनी पंडित ने मिशन की 90 फीसद राशि शहरों में खर्च करने का लक्ष्य रखा है। मिशन की समीक्षा बैठक में शालिनी पंडित ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में इस योजना के तहत कम राशि खर्च की गई है वहां तत्काल एक योजना बना इस राशि का उपयोग करना चाहिए। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2019-2020 के प्रथम 4 महीनों में इस योजना के तहत राज्य ने 19 फीसद राशि खर्च की है जिसमें ढेंकानाल जिला सबसे आगे एवं केंद्रपाड़ा जिला सबसे पीछे है।

शहरी स्वास्थ्य सेवा को अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचाने का लक्ष्य केंद्र एवं राज्य सरकार ने इस योजना के जरिए रखा है। पंडित ने इस योजना का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी को निष्ठा से काम करने की जरूरत बताया। कहा कि सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को कायाकल्प पुरस्कार हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होने 20 फीसद शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रमाणिकता से हासिल करने को जरूरी बताया। इसके साथ ही पीएचसी में स्वास्थ्य एवं वेलनेस को केंद्र में रखकर काम करने का परामर्श देते हुए शहर के सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच पर जोर दिया। कहा कि जिला के मुख्य अस्पताल तथा एमीएचयू के विशेषज्ञ डॉक्टरों को योगदान देना चाहिए। बैठक में प्रत्येक जिले एवं शहरी स्वास्थ को बढ़ाने के लिए कुछ अभिनव कार्यक्रम में भाग लेने का भी पंडित ने परामर्श दिया है।

Posted By: Jagran

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