पुरी जगन्नाथ मंदिर में दर्शन होंगे और आसान, रथयात्रा के बाद लागू होगी नई व्यवस्था
गजपति महाराजा दिव्य सिंहदेव ने घोषणा की कि रथयात्रा के बाद पुरी जगन्नाथ मंदिर में बढ़ती भीड़ के लिए कतार आधारित दर्शन व्यवस्था लागू होगी।

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HighLights
रथयात्रा के बाद पुरी मंदिर में कतार दर्शन व्यवस्था लागू होगी।
जगन्नाथ संस्कृति पर भ्रामक प्रचार फैलाने वालों पर होगी सख्ती।
मंदिर कानूनों में संशोधन कर आर्थिक दंड और कारावास का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। पुरी श्रीजगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रथयात्रा के बाद धाड़ी (कतार आधारित) दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी। गजपति महाराजा दिव्य सिंहदेव ने यह जानकारी देते हुए कहा कि दर्शन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले श्रीमंदिर के नाटमंडप में एयर कंडीशनर लगाए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रैंप का निर्माण किया जाएगा। इससे दर्शन के दौरान होने वाली भीड़भाड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
गजपति महाराज ने कहा कि ओडिशा सरकार जगन्नाथ संस्कृति और परंपराओं के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर अंकुश लगाने के लिए श्रीजगन्नाथ मंदिर से जुड़े कानूनों में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन में गलत या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड और कारावास का प्रावधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि गलत सूचनाएं धर्म और परंपरा के प्रति लोगों के मन में भ्रम पैदा करती हैं, जिससे धार्मिक व्यवस्था प्रभावित होती है। हाल ही में श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई और ऐसी गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनी।
गजपति महाराजा ने हाल ही में संपन्न रत्न भंडार की सूचीकरण और सत्यापन प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे मंदिर प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे मंदिर की बहुमूल्य धरोहरों का सही रिकॉर्ड तैयार हुआ है और भविष्य में उनके संरक्षण में मदद मिलेगी।
पिछले वर्ष रथयात्रा के दौरान हुई देरी का उल्लेख करते हुए गजपति महाराजा ने कहा कि दुनिया भर में प्रसिद्ध इस पर्व के सफल संचालन के लिए बेहतर योजना और समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष प्रशासन और सेवायतों के सहयोग से रथयात्रा का आयोजन अधिक सुचारु रूप से संपन्न होगा।
'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म पर भी जताई आपत्ति
गजपति महाराजा ने 10 जुलाई को प्रस्तावित 'महाप्रभु जगन्नाथ' एनिमेटेड फिल्म का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें दिखाई गई कई बातें पूरी तरह काल्पनिक हैं और उनका शास्त्रों, पुराणों अथवा पारंपरिक मान्यताओं से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ से जुड़ी किसी भी प्रस्तुति में प्रामाणिक धार्मिक स्रोतों और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
