मंगल आरती के समय पुरी जगन्नाथ मंदिर के ऊपर फिर उड़ा ड्रोन, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पुरी जगन्नाथ मंदिर में मंगल आरती के दौरान एक बार फिर ड्रोन उड़ने की घटना सामने आई है, जिससे मंदिर ...और पढ़ें

जगन्नाथ मंदिर। फाइल फोटो
HighLights
मंगल आरती के समय मंदिर के ऊपर फिर उड़ा ड्रोन।
पुरी जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।
पुलिस ने जांच शुरू की, एंटी-ड्रोन तकनीक की मांग।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की मंगल आरती के समय मंगलवार तड़के एक बार फिर मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ने की घटना सामने आई है। सुबह करीब पांच बजे मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ता दिखाई देने के बाद श्रीमंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
बार-बार चेतावनी जारी किए जाने और ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध के बावजूद ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। मंदिर के ऊपर काफी देर तक ड्रोन उड़ने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के जब श्रीमंदिर में महाप्रभु की मंगल आरती की तैयारी और अनुष्ठान चल रहे थे, उसी दौरान मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ता दिखाई दिया।
बताया जा रहा है कि ड्रोन काफी देर तक मंदिर के ऊपर मंडराता रहा। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ड्रोन किसने उड़ाया और इसे कहां से संचालित किया जा रहा था।
पुरी जगन्नाथ मंदिर जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल के ऊपर इस तरह ड्रोन उड़ने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और प्रतिबंधों के पालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्रोन के संचालन स्थल का पता लगाने के साथ यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके पीछे कौन था और इसका उद्देश्य क्या था।
जांच के दौरान ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति की पहचान करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि घटना के कारणों का पता लगाने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
बार-बार की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
श्रीमंदिर की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद समय-समय पर ड्रोन उड़ने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
हर बार ऐसी घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जाती है, लेकिन ताजा घटना ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
सवाल यह है कि प्रतिबंध के बावजूद कोई व्यक्ति मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाने का जोखिम कैसे उठा रहा है और ऐसी गतिविधियों पर समय रहते रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
श्रीमंदिर केवल ओडिशा ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।
मंदिर के ऊपर अनधिकृत ड्रोन उड़ने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। इसलिए इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
एंटी-ड्रोन तकनीक लागू करने की मांग
पुरी जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक लागू करने की मांग उठ रही है। इस तकनीक की मदद से प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ने वाले अनधिकृत ड्रोन का पता लगाने और निर्धारित तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
इसके साथ मंदिर के आसपास निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और ड्रोन उड़ाने वालों की शीघ्र पहचान करने के लिए समन्वित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि केवल प्रतिबंध और चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। अब पुलिस जांच के निष्कर्षों और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
