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3 बहुमंजिला इमारतें, 19 प्लॉट...; ओडिशा में ₹1000 की सैलरी से शुरु की नौकरी, 39 साल बाद धनकुबेर बना सरकारी अफसर

Published: Tue, 13 Oct 2026 10:07 AM (GMT+05:30)

जाजपुर के सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जयदेव जेना के ठिकानों पर सतर्कता विभाग ने छापा मारा है।

ABEO जयदेव जेना के ठिकानों पर विजिलेंस की छापामारी। फोटो जागरण

ABEO जयदेव जेना के ठिकानों पर विजिलेंस की छापामारी। फोटो जागरण

HighLights

  1. सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पर सतर्कता छापा।

  2. ₹1000 मासिक वेतन से शुरू की थी नौकरी।

  3. 3 बहुमंजिला इमारतें, 19 भूखंड, आभूषण मिले।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। सरकारी नौकरी में महज एक हजार रुपये मासिक वेतन से करियर शुरू करने वाले एक अधिकारी की संपत्ति का ब्योरा सामने आने के बाद विजिलेंस विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं।

करीब 39 साल की सेवा में सहायक शिक्षक से प्रधानाध्यापक और फिर सहायक ब्लाक शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) के पद तक पहुंचे जाजपुर जिले के धर्मशाला के एबीईओ जयदेव जेना के ठिकानों पर विजिलेंस की छापामारी में भारी संपत्ति का पता चला है।

अब तक की जांच में तीन बहुमंजिला इमारतें, 19 कीमती भूखंड, हीरे और सोने के आभूषण तथा कई वाहन सामने आए हैं। इन संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य निर्धारित करने में विजिलेंस अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

जांच का दायरा केवल अचल संपत्तियों तक सीमित नहीं है। विभिन्न बैंकों में जमा राशि, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। 

ऐसे में अब तक पता चली संपत्तियों के कुल मूल्य का आकलन नहीं हो पाया है। विजिलेंस की जांच आगे बढ़ने के साथ संपत्ति का दायरा और बढ़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

भुवनेश्वर से गंजाम तक संपत्तियों का पता

विजिलेंस की छापेमारी में भुवनेश्वर से लेकर गंजाम जिले तक जयदेव जेना से जुड़ी संपत्तियों का पता चला है। जांच के दायरे में तीन बहुमंजिला इमारतें और 19 भूखंड शामिल हैं। इसके अलावा हीरे-सोने के आभूषण, एक नेक्सन कार और दो मोटरसाइकिलें भी मिली हैं।

विजिलेंस अधिकारियों की टीम जेना और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन संपत्तियों को कब खरीदा गया, इनके लिए कितनी राशि खर्च की गई और खरीद के लिए धन कहां से आया। साथ ही संपत्तियों के दस्तावेजों तथा घोषित आय के बीच तालमेल की भी जांच की जा रही है।

हालांकि, अभी तक सभी संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा नहीं हुआ है। बैंक खातों में जमा रकम और अन्य निवेश का ब्योरा सामने आने के बाद ही कुल संपत्ति का आकलन संभव हो सकेगा।

1987 में सहायक शिक्षक के रूप में शुरू की थी नौकरी

जयदेव जेना का जन्म पांच मई, 1969 को हुआ था। उन्होंने 25 अगस्त, 1987 को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के तहत सरकारी सेवा में प्रवेश किया था।

उस समय उन्हें गंजाम जिले के छत्रपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइ) के अधीन सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी शुरुआती मासिक तनख्वाह महज एक हजार रुपये थी।

शिक्षा विभाग में सेवा शुरू करने के बाद जेना ने अलग-अलग पदों पर काम किया। एक मार्च, 2014 को पदोन्नति मिलने के बाद उन्हें छत्रपुर के कनियारिबाड़ी प्रोजेक्ट उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक बनाया गया। इसके बाद 13 नवंबर, 2020 को उनका तबादला गंजाम जिले के के. बरिड़ा नोडल उच्च प्राथमिक विद्यालय में कर दिया गया।

लगभग 36 वर्ष की सेवा के बाद तीन मार्च, 2023 को उन्हें गंजाम जिले के बेगुनियापाड़ा ब्लाक में सहायक मंडल शिक्षा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद 30 नवंबर, 2024 को उनका स्थानांतरण जाजपुर जिले के धर्मशाला ब्लाक में कर दिया गया। वर्तमान में वह यहीं सहायक ब्लाक शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

रिश्तेदारों के मकानों और कार्यालय में भी छापेमारी

विजिलेंस की टीम ने जेना से जुड़े कई ठिकानों को जांच के दायरे में लिया है। इनमें पातरपड़ा स्थित एक इमारत तथा गंजाम जिले के पी. नुआगांव में स्थित दो इमारतें शामिल हैं।

इसके अलावा गंजाम के बुरुझरी में एक रिश्तेदार के मकान और भुवनेश्वर के खंडगिरि स्थित जननी विहार में एक अन्य रिश्तेदार के मकान की भी जांच की जा रही है।

जाजपुर जिले के जारका स्थित उनके किराये के मकान और वहां मौजूद कार्यालय कक्ष में भी छापेमारी जारी है। विभिन्न स्थानों पर संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

विजिलेंस अधिकारियों का ध्यान इस बात पर भी है कि परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम पर मौजूद संपत्तियों का संबंधित अधिकारी से क्या संबंध है। इसके लिए संपत्ति के स्वामित्व, खरीद के दस्तावेजों और धन के स्रोत की जांच की जा रही है।

बैंक खातों और निवेश का भी खंगाला जा रहा ब्योरा

छापेमारी में अचल संपत्तियों के साथ आभूषण और वाहनों का पता चलने के बाद अब वित्तीय लेनदेन की जांच पर भी जोर दिया जा रहा है। विभिन्न बैंकों में जमा राशि और अन्य माध्यमों से किए गए निवेश की जानकारी जुटाई जा रही है। इन जानकारियों के आधार पर अधिकारी कुल संपत्ति का मूल्य निर्धारित करने की प्रक्रिया में जुटे हैं।

फिलहाल, तीन बहुमंजिला इमारतों, 19 भूखंडों, आभूषणों और वाहनों के सामने आने के बावजूद संपत्ति का अंतिम मूल्य स्पष्ट नहीं हो पाया है। बैंक जमा और निवेश के विवरण मिलने तथा सभी संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

विजिलेंस की जांच अभी जारी है। संपत्ति के स्रोत और आय से अधिक संपत्ति के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

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