भुवनेश्वर, जेएनएन। भुवनेश्वर स्थित पुलिस भवन में मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को 60वां सम्मेलन शुरू हुआ। इसका उदघा्टन करते हुए राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने पुलिस-पब्लिक संपर्क को मजबूत करने, माओदमन एवं विडियो वायरल पर लगाम लगाने के लिए उपस्थित अधिकारियों को परामर्श दिया।

तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में प्रमुख सात प्रसंग पर चर्चा की जानी हैं। पहले दिन डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि माओवादी शिविर में शामिल हो रहे युवाओं को वापस लाकर इन्हें मुख्य धारा में शामिल करना पुलिस का नैतिक कर्तव्य है। इन्हें विभिन्न सुविधा-सुयोग देकर मुख्यधारा में शामिल करना होगा। डीजीपी ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ पुलिस की लड़ाई जारी है। विभिन्न जगहों पर माओ हिंसा देखी जा रही है। ऐसे में  माओ हिंसा रोकने एवं माओ दमन करने के लिए पुलिस को और सतर्क रहना होगा। राज्य में बढ़ रहे अपराध पर भी अंकुश लगाने पर डीजीपी ने जोर दिया। इसके अलावा डीजीपी ने प्रत्येक जिला में मॉडल पुलिस स्टेशन, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश, पीडि़तों को उपयुक्त सलाह देने के लिए काउंसिलिंग सेंटर खोलने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। 

कागज-पत्र कार्य को बंद कर ई-ऑफिस करने पर भी जोर दिया। इस सम्मेलन में राज्यभर के एसपी डीएसपी, सशस्त्र बटालियन के कमांडर, पुलिस कमिश्नर, रेंज आइजी, डीआइजी एवं प्रशिक्षण लेने वाले आइपीएस अधिकारी समेत पुलिस विभाग, दमकल, होमगार्ड, राज्य पुलिस गृह निर्माण एवं कल्याण विभाग के अधिकारी, विजिलेंस विभाग के अधिकारी शामिल हिस्सा ले रहे हैं।

By Babita