जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बीजू जनता दल के विधायकों ने शुक्रवार को पेट्रोल एवं डीजल की दर में बढ़ोतरी के खिलाफ विधानसभा में जोरदार हंगामा किया। वहीं, हंगामे के बीच कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्य भर के स्कूलों में शिक्षकों की हड़ताल के चलते स्कूलों में ताला, सड़क पर शिक्षकों के उतरने और बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया। जिसे विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप अमात ने स्वीकार कर लिया। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होगी।

विधानसभा में हंगामा होता देख अध्यक्ष प्रदीप अमात ने सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक मुलतवी घोषित कर दी। इसके बाद बीजद के विधायकों ने तय कार्यक्रम के अनुसार राजधानी में पेट्रोल पंप के सामने प्रदर्शन किया। विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को जैसे ही शुरू हुई, उपरोक्त दोनों मुद्दों को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर दी। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक ही बार में अपराह्न तीन बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करने पर भाजपा एवं कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई।

विपक्ष का कहना था कि जब हर दिन पहले 11:30 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित घोषित होती थी तो आज ऐसा क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी समझ से इसका कारण यही हो सकता है कि बीजद ने पहले से ही पेट्रोल व डीजल की दर में बढ़ोतरी के खिलाफ पेट्रोल पंपों के समक्ष धरना देने का निर्णय लिया था। इसी के तहत अध्यक्ष ने ऐसा किया है।

यह जनतंत्र के लिए ठीक नहीं है : नरसिंह मिश्र नेता विरोधी दल नर¨सह मिश्र ने कहा है कि विधानसभा की कार्यवाही को एक ही साथ अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर देना जनतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो विधानसभा के पहले ही दिन पेट्रोलियम दर वृद्धि पर चर्चा करनी चाह रही थी, मगर चर्चा नहीं हुई। सरकार शिक्षक समस्या पर चुप्पी साधे हुए है। गृह न चले, शिक्षक समस्या पर चर्चा न हो, इसी कारण विधानसभा अध्यक्ष ने तीन बजे तक स्थगित कर दिया। यह सरकार शिक्षा, शिक्षक एवं छात्र विरोधी है।

शासक दल के पास विपक्ष के सवाल का जवाब नहीं : रविनायक भाजपा विधायक रवि नायक ने कहा कि बीजद के विधायक सदन को छोड़कर भाग गए। बीजद ने योजनाबद्ध तरीके से सदन की कार्यवाही को स्थगित कराया है। शासक दल के पास विरोधी दल के सवाल का जवाब नहीं है। ऐसे में वह सदन छोड़कर भाग रहे हैं। यहां उल्लेखनीय है कि मानसून सत्र के आरंभ दिन से ही इन दोनों मुद्दों पर सदन में हंगामे का दौर जारी है। बीजद जहां पेट्रोलियम दर वृद्धि पर हमलावर है तो वहीं कांग्रेस-भाजपा शिक्षकों के साथ अन्य समस्या पर सरकार बैकफुट पर ला दिया है।

पेट्रोलियम पदार्थ से ओडिशा ने ज्यादा पैसा कमाया : प्रधान पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत में वृद्धि को लेकर बीजद की तरफ से किए जा रहे प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा है कि बीजद मानसिक रूप से दिवालिया दिखाई दे रही है। 2014-18 के दौरान पेट्रोलियम पदार्थ बिक्री में सबसे अधिक पैसा ओडिशा ने एकत्रित किया है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल एक्साइज दो रुपया कम किया तो बीजद सरकार ने केंद्र की आलोचना की। विश्व बाजार में कच्चे तेल की दर में बढ़त से यहां तेल का दर बढ़ा है। 80 प्रतिशत तेल हम बाहर से ला रहे हैं। इरान, तुर्की जैसे तेल उत्पादक देशों ने जुलाई महीने में तेल उत्पादन बढ़ाने की बात कही थी, मगर तेल उत्पादन नहीं बढ़ा, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है।