भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। बीजद सुप्रीमो तथा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देश पर गुरुवार को ओडिशा के दो कैबिनेट मंत्री जगन्नाथ सारका एवं टुकुनी साहू ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर भाजपा नेता तथा राज्यसभा सांसद अरुण सिंह एवं अन्य नेता भी उपस्थित थे। द्रौपदी मुर्मू भी आज सुबह भुवनेश्वर से दिल्ली पहुंची हैं। शुक्रवार को वह अपना नामांकन भरेंगी। नामांकन दाखिला के समय भी बीजद के दोनों मंत्री दिल्ली में उपस्थित रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज फोन के जरिए नवीन पटनायक से बात की थी और उन्हें उपस्थित रहने के लिए अनुरोध किया था। नवीन पटनायक ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए अपने दो कौबिनेट मंत्रियों को नामांकन पत्र दाखिले के दिन दिल्ली में उपस्थित रहने का भी निर्देश जारी किया हुआ है। इसी के तहत प्रदेश के दो मंत्री दिल्ली पहुंचे हैं और वहां नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर बीजद के राज्यसभा सांसद संभित पात्रा भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि नवीन पटनायक ने पहले ही राजग की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनायी गई ओडिशा की बेटी द्रौपदी मुर्मू को अपना खुला समर्थन दे दिया है।

द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावक बनेंगे मेवाड़ के ये आदिवासी पांच विधायक

उदयपुर। देश में पहली बार राष्ट्रपति के लिए चुनी जाने वाली आदिवासी महिला द्रोपदी मुर्मू के लिए मेवाड़ के पांच आदिवासी विधायकों को प्रस्तावक बनने का मौका मिलेगा। भाजपा के बुलावे पर गुरुवार को मेवाड़ से निर्वाचित पांच आदिवासी विधायक विमान के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुए। इनमें उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, सलूम्बर के विधायक अमृतलाल मीणा, झाड़ोल विधायक बाबू लाल खराड़ी, पिंडवाड़ा विधायक समाराम गरासिया और गढ़ी के विधायक कैलाश मीणा शामिल हैं।

राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि राष्ट्रपति के लिए कोई आदिवासी महिला उम्मीदवार बनने जा रही हैं और उनके लिए प्रस्तावक भी आदिवासी विधायकों को बनेंगे। राजस्थान में आदिवासियों के लिए 25 सीटें आरक्षित हैं। मेवाड़ से चुने गए उक्त आदिवासियों को शोर्ट नोटिस के जरिए दिल्ली बुलाया गया है और बताया कि वह राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक बनेंगे।

Edited By: Vijay Kumar