जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : ओडिशा पैरेंट्स एसोसिएशन फोरम (ओपाफ) ने सरकार से निजी स्कूलों पर नियंत्रण करने के लिए कानून बनाने की मांग की है। ओपाफ का आरोप है कि सरकारी उदासीनता एवं ढुलमुल रवैये का फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं। ऐसे स्कूलों द्वारा गुणात्मक शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का लगातार शोषण हो रहा है। ओपाफ ने सरकार से आग्रह किया है कि निजी स्कूलों के लिए एक कानूनी प्रावधान किया जाए जिसमें ऐसे शिक्षाअनुष्ठानों के परिचालन से लेकर शिक्षादान में स्वच्छता लाई जा सके। फोरम ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इस संबध में निर्णय ले और अभिभावकों को सुरक्षा प्रदान करे।

गौरतलब है कि निजी स्कूलों में मनमाने ढंग से फीस की वसूली की जाती है। दाखिला फीस, वाíषक टर्म फीस व ट्यूशन फीस के नाम पर अपने तरीके से वसूली की जा रही है। इसकी शिकायत अगर शिक्षा विभाग से की जाती है तो जवाब मिलता है कि अगर पैसा नहीं है तो निजी स्कूलों में क्यों दाखिला करवा रहे हो। अत: राज्य सरकार को चाहिए कि निजी स्कूलों पर नियंत्रण के लिए जल्द ही कानून बनाए। ओपाफ ने आरोप लगाया कि सरकारी सख्ती न होने के कारण निजी स्कूल आजकल शिक्षानुष्ठान न होकर व्यवसायिक प्रतिष्ठान में तब्दील होते जा रहे हैं।

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