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ओडिशा में दुर्गापूजा और दशहरे के दौरान बारिश का साया, बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती प्रणाली बनने के आसार

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:01 AM (IST)

ओडिशा में दुर्गापूजा और दशहरे के दौरान मौसम बिगड़ने की आशंका है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में एक संभावित चक्रवाती प्रणाली विकसित हो रही है।

दुर्गापूजा और दशहरे के दौरान बारिश का साया (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

दुर्गापूजा और दशहरे के दौरान बारिश का साया (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. बंगाल की खाड़ी में 12 अक्टूबर तक चक्रवाती परिसंचरण संभव।

  2. 17-18 अक्टूबर से ओडिशा में वर्षा गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद।

  3. दुर्गापूजा और दशहरे के उत्सवों पर मौसम का असर संभावित।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में दुर्गापूजा और दशहरा के दौरान मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली एक संभावित मौसमी प्रणाली को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की नजरें टिकी हैं। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार 12 अक्टूबर तक उत्तर अंडमान सागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके बाद 13 अक्टूबर को यह निम्न दबाव क्षेत्र और 15 अक्टूबर तक अवदाब का रूप ले सकता है।

13 से 15 अक्टूबर के बीच मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव

मौसम विभाग और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मॉडलों के संकेतों ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रणाली समुद्र में लंबा रास्ता तय करती है तो इसे और अधिक ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि अभी इसके संभावित मार्ग और तीव्रता को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।

एसओए पर्यावरण एवं जलवायु केंद्र के निदेशक डॉ. शरत चंद्र साहू ने कहा कि 13 से 15 अक्टूबर के बीच मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके घनीभूत होने के लिए वातावरण अनुकूल है, लेकिन अभी इसकी तीव्रता और प्रभाव के बारे में निश्चित तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि 7-8 अक्टूबर तक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

7 अक्टूबर तक राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा

कृषि मौसम वैज्ञानिक प्रो. सुरेंद्र नाथ पशुपालक के अनुसार फिलहाल 7 अक्टूबर तक राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। कई इलाकों में वर्षा की कमी बनी रह सकती है और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जो किसी भी निम्न दबाव प्रणाली को ताकत देने में सहायक होता है। अंडमान सागर में बनने वाली प्रणाली को ओडिशा या आंध्र प्रदेश तट तक पहुंचने के लिए 1100 से 1500 किलोमीटर तक का समुद्री सफर तय करना पड़ सकता है। ऐसे में इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

15 अक्टूबर तक राज्य में व्यापक बारिश की संभावना नहीं

वर्तमान अनुमान के अनुसार 15 अक्टूबर तक राज्य में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 17 और 18 अक्टूबर से वर्षा गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दुर्गापूजा के दौरान यदि यह प्रणाली तट के आसपास सक्रिय रहती है तो कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। इस वर्ष 20 अक्टूबर को दशहरा और 18 अक्टूबर से महाष्टमी शुरू हो रही है। ऐसे में पूजा पंडालों और उत्सवों पर मौसम का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

उधर, राज्य में अभी गर्मी और उमस का प्रभाव बना हुआ है। नयागढ़ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भुवनेश्वर, पुरी, ढेंकानाल, भद्रक, झारसुगुड़ा और पारलाखेमुंडी में पारा 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। मौसम विभाग ने तटीय जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल व्यापक वर्षा के आसार नहीं हैं।

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