बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर, ओडिशा में अक्टूबर के अंत तक गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
ओडिशा में दशहरा के दौरान मौसम खुशनुमा रहने की संभावना है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
दशहरा पर ओडिशा में मौसम रहेगा खुशनुमा।
18 अक्टूबर तक दक्षिणी तटीय ओडिशा में हल्की बारिश।
अक्टूबर अंत में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव संभव।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में फिलहाल विशेष बारिश की संभावना नहीं है। प्रतिदिन कुछ स्थानों पर हल्की या कहीं-कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। दशहरा के दौरान मौसम अच्छा रहने की संभावना है।
विभिन्न मौसम मॉडलों के पूर्वानुमान के अनुसार, इस महीने के अंत तक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। हालांकि, इसके प्रभाव, दिशा और तीव्रता को लेकर अभी कोई आकलन नहीं किया गया है।
कृषि मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर सुरेंद्रनाथ पशुपालक ने बताया कि ओडिशा से दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह लौट चुका है।
तमिलनाडु के दक्षिणी तट पर स्थित एक चक्रवाती परिसंचरण से लेकर ओडिशा तट के निकट उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक निम्न दबाव की रेखा फैली हुई है।
वायुमंडल में नमी मौजूद होने के कारण 18 अक्टूबर तक दक्षिणी और तटीय ओडिशा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मुख्य रूप से गंजाम, गजपति, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है।
19 अक्टूबर से अधिकांश स्थानों पर शुष्क रहेगा मौसम
19 अक्टूबर से ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, दक्षिणी आंतरिक ओडिशा के कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है।
विजयादशमी के अवसर पर 20 और 21 अक्टूबर के आसपास मौसम अनुकूल रहने का अनुमान है। इसके बाद 21 से 26 अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है।
दक्षिणी ओडिशा के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। 26 अक्टूबर को कुमार पूर्णिमा के दिन भी मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
25-26 अक्टूबर को बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, 22 से 24 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और आसपास के अंडमान सागर में एक नया चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है। इसके प्रभाव से 25-26 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
हालांकि, यह कम दबाव का क्षेत्र कितना शक्तिशाली होगा और किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इस बारे में अभी कुछ भी निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है।
यह भी पढ़ें- ओडिशा के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से शुरू होगी जीप सफारी, हर दिन केवल 60 वाहनों को ही मिलेगी एंट्री
