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गाड़ी में भरकर घर भेज रहे थे रिश्वत की कमाई, राउरकेला आबकारी अधीक्षक को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ किया गिरफ्तार 

Published: Sat, 12 Sep 2026 09:18 AM (IST)

ओडिशा विजिलेंस ने राउरकेला के आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़ को रिश्वत के 5 लाख रुपये भेजते हुए पकड़ा। नकदी स्कॉर्पियो ...और पढ़ें

आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़। फोटो जागरण

आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़। फोटो जागरण

HighLights

  1. विजिलेंस ने राउरकेला आबकारी अधीक्षक को रिश्वत लेते पकड़ा।

  2. 5 लाख रुपये की नकदी स्कॉर्पियो से बरामद हुई।

  3. आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

जागरण संवाददाता, राउरकेला। ओडिशा विजिलेंस की टीम ने विश्वसनीय सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार की देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए राउरकेला के आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़ पर शिकंजा कसा है।

आरोप है कि अधिकारी ने शराब अनुज्ञप्तिधारियों (लाइसेंसियों) से भारी मात्रा में रिश्वत की रकम वसूली थी, जिसके बाद से ही विजिलेंस टीम उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए थी। इसी कड़ी में 11 सितंबर 2026 को टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ने में सफलता हासिल की।

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को आबकारी अधीक्षक एक स्थानीय शराब दुकान के सेल्समैन के जरिए स्कॉर्पियो वाहन (पंजीकरण संख्या- ओडी-14एडी-1314) में पांच लाख रुपये की नकदी अपने आवास भिजवा रहे थे।

इसी दौरान उदितनगर स्थित आबकारी अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने विजिलेंस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में वाहन को बीच रास्ते में ही रोक लिया और सघन तलाशी ली।

तलाशी के दौरान गाड़ी से पांच लाख रुपये नकद बरामद हुए। मौके पर हुई कड़ी पूछताछ में सेल्समैन ने कुबूल किया कि यह रकम आबकारी अधीक्षक श्री बराड़ ने उसे उनके आवास तक पहुंचाने के लिए दी थी।

जब विजिलेंस अधिकारियों ने सेल्समैन के बयानों के आधार पर आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़ का आमना-सामना कराया, तो उन्होंने भी इस बात को स्वीकार कर लिया।

हालांकि, वह इस पांच लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी के स्रोत के बारे में कोई वैध या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद विजिलेंस टीम ने पूरी रकम विधिवत जब्त कर ली।

इस गंभीर मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b) के तहत राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में कांड संख्या 12 (दिनांक 11.09.2026) दर्ज किया गया है।

आय से अधिक संपत्ति (डीए) के पहलू से मामले की गहराई से जांच के लिए आरोपी अधिकारी के कार्यालय और आवासीय ठिकानों पर सघन छापेमारी शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की जांच युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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