कैमरे का कर्ज चुकाने के लिए छात्र बना लुटेरा: 50 हजार के लिए लूटा बैंक, दूसरी बार डकैती करते गिरफ्तार
50 हजार रुपये का कर्ज चुकाने के लिए एक कॉलेज छात्र ने ओडिशा ग्राम्य बैंक में डकैती की। पहली लूट ...और पढ़ें

जानकारी देती सुंदरगढ़ एसपी अमृतपाल कौर
HighLights
छात्र ने 50 हजार का कर्ज चुकाने को लूटा बैंक।
पहली लूट के बाद दूसरी बार पकड़ा गया रंगे हाथ।
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। कभी-कभी छोटी सी गलती इंसान को जुर्म के अंधे कुएं में धकेल देती है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सुंदरगढ़ जिले के कंदाबहाल में सामने आया है, जहां एक कॉलेज छात्र ने सिर्फ 50 हजार रुपये का कर्ज चुकाने के लिए बैंक डकैती जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस ने कंदाबहाल स्थित ओडिशा ग्राम्य बैंक (ओजीबी) में हुई सनसनीखेज डकैती का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है।
इस गिरोह का मुख्य सरगना भेडाबहाल कॉलेज में स्नातक (प्लस 3) की पढ़ाई करने वाला 21 वर्षीय छात्र गौरव माझी है, जिसने सात सितंबर को इसी बैंक से पिस्तौल की नोक पर 2 लाख 82 हजार 570 रुपये लूटे थे।
पुलिस ने इस शातिर छात्र को तब धर दबोचा जब वह 3 नवंबर को एक बार फिर उसी बैंक में दूसरी डकैती की वारदात को अंजाम देने पहुंचा था।
जानकारी के अनुसार, गौरव ने कुछ महीने पहले अपने एक दोस्त से कैमरा मांगा था और उसे किसी दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे दिया। लेकिन वह व्यक्ति कैमरा लेकर फरार हो गया। कैमरे की कीमत लगभग 50 हजार रुपये थी, जिसे चुकाने का दबाव गौरव पर बढ़ने लगा।
इस भारी भरकम कर्ज को उतारने का कोई रास्ता न देख, कंदाबहाल के एक निजी हॉस्टल में रहने वाले गौरव ने पास के ही ओडिशा ग्राम्य बैंक को लूटने की साजिश रच डाली।
उसने अपनी यह परेशानी संबलपुर के रेंगाली निवासी अपने दोस्तों आकाश किसान और रबि किसान को बताई। दोस्तों ने मदद के नाम पर उसे अपराध के दलदल में धकेल दिया और उसे डकैती के लिए एक देसी पिस्तौल लाकर दी।
इसी पिस्तौल के दम पर गौरव ने सात सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे कंदाबहाल की बैंक शाखा में घुसकर कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी और 2 लाख 82 हजार से ज्यादा की नकदी लूटकर फरार हो गया। लूटी गई इस रकम का कुछ हिस्सा उसने अपने मददगार दोस्तों में भी बांटा था।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद तत्कालीन बैंक मैनेजर रजत कुमार दास की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी ही थी कि 3 नवंबर की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गौरव दोबारा उसी बैंक में पहुंच गया।
इस बार उसने पीछे की खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की और नकदी गिन रहे कर्मचारियों पर पिस्तौल तानकर दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन इस बार उसकी किस्मत खराब थी। बैंक की वर्तमान मैनेजर स्मृतिप्रभा महाराणा ने गजब की हिम्मत दिखाई और तुरंत सदर पुलिस को सूचना दे दी।
खबर मिलते ही टाउन, सदर और भसमा थाने की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर ली और महज एक घंटे के भीतर गौरव को दबोच लिया। थाने लाकर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने अन्य साथियों के नाम भी उगल दिए।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी लेफ्रीपाड़ा थाने के भूर्सीडांडा निवासी गौरव माझी (21), संबलपुर के रेंगाली थाने के बोमालोई निवासी आकाश किसान (22) और रबि किसान (21) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा है।
इनके पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक देसी पिस्तौल, नकाब, काले रंग की बनियान, पैंट और जूते भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस लूटी गई बाकी रकम की बरामदगी और अवैध पिस्तौल की खरीद-फरोख्त की जांच में जुटी हुई है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।