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बालेश्वर में 5 ओरांगुटान मिलने का मामला: STF ने दीघा से 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया, लग्जरी कार रडार पर

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:04 PM (GMT+05:30)

एसटीएफ ने बालेश्वर में मिले पांच दुर्लभ ओरांगुटानों की तस्करी की जांच तेज कर दी है, जिसमें पश्चिम बंगाल के दीघा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

दुर्लभ ओरांगुटान। (जागरण)

दुर्लभ ओरांगुटान। (जागरण)

HighLights

  1. बालेश्वर में पांच दुर्लभ ओरांगुटान बरामद, जांच तेज।

  2. एसटीएफ ने दीघा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया।

  3. अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का खुलासा संभव।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बालेश्वर जिले के भोगराई क्षेत्र से पांच दुर्लभ ओरांगुटानों के बरामद होने के मामले में जांच तेज हो गई है।

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पश्चिम बंगाल के दीघा से तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वन्यजीव तस्करी से जुड़े इस रहस्यमय मामले में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ओरांगुटानों को ओडिशा तक कौन लाया, उन्हें किस रास्ते से लाया गया और इसके पीछे का मकसद क्या था।

सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ की टीम ने दीघा के एक निजी होटल से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान एक काले रंग की लग्जरी कार भी एजेंसियों के रडार पर आई है।

जा रहा है कि यह वाहन होटल मालिक से जुड़ा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसी वाहन का इस्तेमाल ओरांगुटानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में किया गया हो सकता है। एसटीएफ इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक के एक जंगल से पांच शावक ओरांगुटान बरामद किए गए थे।

बरामदगी के बाद उन्हें विशेष निगरानी में भुवनेश्वर स्थित नंदनकानन प्राणी उद्यान लाया गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार ओरांगुटान दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया के वर्षावनों में पाए जाते हैं। ऐसे में उनका ओडिशा में मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन दुर्लभ जीवों को देश के भीतर लाया गया या फिर अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी गिरोह के माध्यम से भारत पहुंचाया गया। ओरांगुटानों की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और उनके परिवहन के तरीके को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।

इस बीच, ओडिशा के कार्यकारी डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने एसटीएफ को मामले में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है।

जल्द पूरे नेटवर्क का होगा खुलासा

डीजीपी ने कहा कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सात से आठ दिनों के भीतर मामले में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिलेगी।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ा हुआ पाया जाता है तो यह हाल के वर्षों में राज्य में सामने आए सबसे बड़े वन्यजीव अपराधों में से एक हो सकता है।

ऐसे में एसटीएफ, वन विभाग और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मिलकर मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। फिलहाल सभी की नजर जांच के अगले चरण और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है।

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