UAE ने ओडिशा में ₹2.43 लाख करोड़ के निवेश का दिया प्रस्ताव, लाखों युवाओं को मिल सकता है रोजगार
मुख्यमंत्री मोहन माझी के यूएई दौरे से ओडिशा को 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे राज्य में 8.95 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।

मोहन चरण का UAE दौरा। फाइल फोटो
HighLights
ओडिशा को यूएई दौरे से 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले।
अदाणी और आईएचसी के बीच 2.10 लाख करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
राज्य में लगभग 8.95 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का दावा है कि उनके संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दौरे से ओडिशा को बरदस्त सफलता मिली है। राज्य के औद्योगीकरण और निवेश संभावनाओं को उनकी टीम ने निवेशकों के सामने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप ओडिशा को 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) से लेकर एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम जैसी प्रमुख कंपनियों ने ओडिशा में निवेश की रुचि दिखाई है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने 46 प्रत्यक्ष बैठकों में भाग लिया।
इस दौरान 8 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और 16 निवेश अभिरुचि पत्रों (एलओआई) पर हस्ताक्षर हुए। यदि ये निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं, तो राज्य में लगभग 8.95 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह मोहन माझी का दूसरा विदेशी निवेश संपर्क कार्यक्रम था। इस दौरे की बड़ी सफलता ने निवेश गंतव्य के रूप में ओडिशा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है, जो भविष्य में समृद्ध ओडिशा के निर्माण की आधारशिला साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री 8 सितंबर को भुवनेश्वर से दिल्ली होते हुए अबू धाबी पहुंचे थे। 9 सितंबर को उन्होंने आईएचसी मुख्यालय का दौरा किया और उद्योगपतियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
उनकी उपस्थिति में अदाणी समूह और आईएचसी समूह के बीच 2.10 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक समझौता हुआ। 10 सितंबर को विभिन्न बैठकों के माध्यम से 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। 11 सितंबर को उन्होंने ओडिशा निवेश रोड शो में भाग लिया और प्रवासी ओड़िया समुदाय के साथ भी संवाद किया।
एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम का दौरा
दौरे के दूसरे दिन 5 एमओयू और 8 निवेश अभिरुचि पत्रों के माध्यम से 8,417 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। यूएई के निवेशकों ने सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी सेवाएं, रियल एस्टेट, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं सहायक उद्योग, दुर्लभ खनिज, रसायन, एल्युमिनियम और सर्कुलर इकोनॉमी क्षेत्रों में निवेश की रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री ने यूएई के कैबिनेट सदस्य, अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री तथा अंतरराष्ट्रीय निवेश परिषद के अध्यक्ष अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी से मुलाकात की। उन्होंने सराफ समूह के अध्यक्ष एवं सीईओ श्याम कपूर तथा ट्रांसवर्ल्ड समूह के प्रबंध निदेशक रितेश रामकृष्णन के साथ भी चर्चा की।
इसके अलावा उन्होंने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) का दौरा कर संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श किया और मिडिल ईस्ट रीसाइक्लिंग ब्यूरो के साथ बैठक में भी भाग लिया।
आईबीपीजी के साथ राउंडटेबल चर्चा
ओडिशा इन्वेस्टर्स मीट के तहत मुख्यमंत्री ने इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (आईबीपीजी) के साथ राउंडटेबल चर्चा की। बैठक में ओडिशा और यूएई के बीच व्यापार, निर्यात और व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया।
हल्दी, अदरक, समुद्री उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, प्रमुख यूएई ब्रांडों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा कुशल मानव संसाधन के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
मध्य पूर्व में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ गैलरी
ओडिशा की पारंपरिक हस्तकरघा और हस्तशिल्प कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने दुबई में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) गैलरी का उद्घाटन किया।
गैलरी में संबलपुरी साड़ी, कटक की मणियाबंधा हस्तकरघा और रजत तारकसी कला, रायगड़ा की डोंगरिया शॉल, केन्दुझर की टेराकोटा मूर्तियां, बालेश्वर की ब्लैक ग्रेनाइट मूर्तियां, पुरी की पट्टचित्र कला और ताड़पत्र नक्काशी सहित विभिन्न जिलों की विशिष्ट कलाओं और हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
