Orangutan smuggling case:: फरार होटल मालिक और बेटे की तलाश तेज, कर्मचारियों का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट
ओडिशा के बालेश्वर में दुर्लभ ओरांगुटान बरामदगी मामले में एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है। मुख्य आरोपी होटल मालिक ...और पढ़ें

दुर्लभ ओरांगुटान मामले का मुख्य सूत्रधार दीघा स्थित ग्रैंड हेरिटेज होटल का मालिक जयंत माइती और उसका बेटा सौम्यदीप माइती है।
HighLights
ओडिशा के बालेश्वर में दुर्लभ ओरांगुटान बरामद हुए।
मुख्य आरोपी होटल मालिक जयंत माइती और बेटा फरार हैं।
कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा, इंटरपोल की मदद मांगी।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर जिले स्थित भोगराई ब्लॉक के रणकोठा आरक्षित वन (बड़ा पाही क्षेत्र) से पांच दुर्लभ ओरांगुटान बरामद किए जाने के संवेदनशील मामले में एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है।
इस अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट की परतें खोलने के लिए एसटीएफ की चार अलग-अलग टीमें बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और गुजरात में संभावित ठिकानों व नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मालिक की पत्नी और बेटी से 5 घंटे पूछताछ, बाप-बेटा फरार
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले का मुख्य सूत्रधार दीघा स्थित ग्रैंड हेरिटेज होटल का मालिक जयंत माइती और उसका बेटा सौम्यदीप माइती है।
एसटीएफ ने हावड़ा के आंदोल स्थित उनके आवास पर दबिश देकर जयंत की पत्नी और बेटी से करीब पांच घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि, पिता-पुत्र फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले में प्रगति लाते हुए एसटीएफ ने होटल के मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को हिरासत में लिया है।
हिरासत में लिए गए कर्मचारियों का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट
बयानों में आ रहे विरोधाभास और सच का पता लगाने के लिए जांच एजेंसी हिरासत में लिए गए कर्मचारियों का पॉलीग्राफ(लाइ डिटेक्टर) परीक्षण कराने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
एसटीएफ होटल के सीसीटीवी कैमरे की हार्ड डिस्क का भी फोरेंसिक विश्लेषण कर रही है। रणकोठा जंगल तक इन अति-दुर्लभ जीवों को कैसे लाया गया।
इसका सुराग जुटाने के लिए एसटीएफ पिछले सात दिनों से पश्चिम बंगाल के दीघा से लेकर ओडिशा के रणकोठा तक 170 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी है।
फुटेज में एक काले रंग की थार गाड़ी संदिग्ध परिस्थितियों में रणकोठा क्षेत्र में आती-जाती दिखी। यही वाहन दीघा के ग्रैंड हेरिटेज होटल के बाहर भी खड़ा पाया गया, जिसके बाद जांच की सुई जयंत माइती और उसके बेटे की ओर घूमी।
म्यांमार के रास्ते भारत लाए गए थे ओरांगुटान
प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन ओरांगुटानों को म्यांमार के रास्ते अवैध रूप से सीमा पार कराकर पश्चिम बंगाल लाया गया था। हालांकि, इन्हें मूल रूप से किस देश से लाया गया था, इसका सटीक पता लगाया जाना अभी बाकी है।
जांच में खुलासा हुआ है कि जयंत और सौम्यदीप ने इन जीवों को कुछ दिनों तक अपने होटल में छिपाकर रखा था। वे इन्हें किसी निजी फार्म हाउस के मालिक को ऊंचे दामों में बेचने की योजना बना रहे थे।
जब सौदा किसी कारणवश टूट गया, तो पकड़े जाने के डर से हड़बड़ी में जानवरों को बिछित्रपुर-रणकोठा जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संदेह, इंटरपोल से मांगी मदद
होटल कर्मचारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, जयंत माइती के परिवार के लगभग 12 सदस्य देश-विदेश के कई वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के सीधे संपर्क में थे।
आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। मामले के तार सीमा पार से जुड़े होने के कारण एसटीएफ और ओडिशा वन विभाग ने समन्वय स्थापित कर इंटरपोल (Interpol) से भी सहयोग मांगा है।
