ओडिशा में बरामद ओरांगुटान शावकों की हेल्थ में सुधार, DNA जांच के जरिए मूल देश का पता लगाने की तैयारी
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने नंदनकानन प्राणी उद्यान में बचाए गए ओरांगुटान शावकों के स्वास्थ्य और देखभाल की समीक्षा की।
HighLights
मुख्य सचिव ने नंदनकानन में ओरांगुटान शावकों की समीक्षा की।
बचाए गए शावकों के स्वास्थ्य और व्यवहार में लगातार सुधार।
मूल स्थान जानने के लिए शावकों का डीएनए परीक्षण होगा।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने नंदनकानन प्राणी उद्यान पहुंचकर हाल ही में बचाए गए पांच ओरांगुटान शावकों के स्वास्थ्य, उपचार और देखभाल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शावकों की निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मुख्य सचिव के साथ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव भास्कर ज्योति शर्मा तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक प्रेम कुमार झा भी मौजूद थे।
अधिकारियों ने उन्हें हैंड-रियरिंग सेंटर में चल रही देखभाल, उपचार और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने ओरांगुटानों के लिए उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, भोजन, व्यवहारिक विकास कार्यक्रम और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया।
उन्होंने विशेषज्ञों की टीम से शावकों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि पांचों शावकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उन पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मूल देश का पता लगाने में जुटी टीम
नंदनकानन प्रशासन के अनुसार, शावकों के लिए चलाया जा रहा व्यवहारिक संवर्धन (एनरिचमेंट) कार्यक्रम सकारात्मक परिणाम दे रहा है।
इसके कारण उनकी गतिविधियों और सामाजिक व्यवहार में सुधार देखा गया है। विशेष रूप से एम-3 और एफ-2 नामक दो शावकों की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है, जिससे विशेषज्ञों को उनके शीघ्र सामान्य होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, विशेषज्ञ टीम अब ओरांगुटानों के मूल स्थान का पता लगाने के लिए उनके डीएनए परीक्षण की तैयारी कर रही है।
इसके लिए नमूनों को राज्य के बाहर स्थित किसी विशेष प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और वन्यजीव संरक्षण संबंधी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में ओडिशा में पांच दुर्लभ ओरांगुटान शावकों की बरामदगी ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
राज्य सरकार और वन विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। नंदनकानन में फिलहाल इन शावकों को विशेष निगरानी में रखा गया है, जहां उनके स्वास्थ्य और व्यवहार में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है।
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