बालेश्वर ओरंगुटान केस: 1 महीना बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की आशंका
बालेश्वर में पांच शिशु ओरंगुटानों की बरामदगी के एक महीने बाद भी पुलिस कथित तस्करों तक नहीं पहुंच पाई है।

नंदनकानन चिड़ियाघर में ओरंगुटान। (फाइल फोटो)
HighLights
बालेश्वर में बरामद पांच शिशु ओरंगुटान नंदनकानन में स्वस्थ।
एक माह बाद भी कथित तस्कर पुलिस की गिरफ्त से बाहर।
जांच एजेंसियां बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की आशंका पर केंद्रित।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बालेश्वर जिले के बिछित्रपुर से बरामद किए गए पांच शिशु ओरंगुटानों को लाए जाने के मामले में एक महीने बाद भी पुलिस कथित तस्करों तक नहीं पहुंच सकी है।
दिघा के होटल व्यवसायी पिता-पुत्र जयंत माइती और संदीप माइती अब भी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं जांच एजेंसियां इस मामले के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या संगठित तस्करी गिरोह की आशंका को लेकर पड़ताल कर रही हैं।
बरामद किए गए पांचों ओरंगुटान फिलहाल नंदनकानन प्राणी उद्यान में रखे गए हैं, जहां उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी शावकों की स्थिति अब पहले से बेहतर है।
बड़े तस्करी नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों के सामने अब भी कई सवाल बने हुए हैं। आखिर इन पांच ओरंगुटानों को कौन लेकर आया, किस उद्देश्य से लाया गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। यह भी जांच का विषय है कि विदेशी प्रजाति के ये जानवर आधी रात को बिछित्रपुर के जंगल तक कैसे पहुंचे।
वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने कहा कि मामले की जांच जारी है और इसमें किसी बड़े माफिया या संगठित गिरोह के शामिल होने की आशंका के कारण जांच में समय लग रहा है।
उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया जारी है। जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, इसके पीछे किसी बड़े माफिया की संलिप्तता हो सकती है। इसलिए जांच में थोड़ा समय लग रहा है। इस मामले से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ रही है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी
जलेश्वर के एक स्थानीय निवासी ने भी जांच की धीमी प्रगति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसटीएफ को जो सीसीटीवी फुटेज मिली है, जांच फिलहाल उसी तक सीमित दिखाई दे रही है और मामले में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है।
वन मंत्री ने बताया कि घटना वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन लोग थे और पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च कर इन्हें कौन लाया, किसके लिए लाया गया और इसमें और कौन-कौन शामिल थे, इन सभी सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी हैं।
नंदनकानन में स्वस्थ हैं पांचों ओरंगुटान
जांच के साथ-साथ नंदनकानन में पांचों शिशु ओरंगुटानों का उपचार और देखभाल जारी है। वन मंत्री ने बताया कि उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है और वे अब स्वस्थ हैं।
उन्होंने कहा कि नंदनकानन के निदेशक और उपनिदेशक से मिली जानकारी के अनुसार सभी ओरंगुटान शावक अब स्वस्थ हैं। उनके भोजन और पोषण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार रक्त जांच रिपोर्ट में भी उनके स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिले हैं। फिलहाल उनकी लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि दूसरी ओर कथित तस्करी और उससे जुड़े बड़े नेटवर्क की जांच जारी है।
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