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ओलिव रिडले कछुओं का प्रजनन काल शुरू, ओडिशा तट पर 160 किमी दायरे में मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी

Published: Fri, 30 Oct 2026 10:12 AM (IST)

ओडिशा में ओलिव रिडले कछुओं के प्रजनन काल के कारण 1 नवंबर से 31 मई तक समुद्र में मछली पकड़ने और ट्रॉलर के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा।

ओडिशा तट पर 160 किमी दायरे में मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी

ओडिशा तट पर 160 किमी दायरे में मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी

HighLights

  1. 1 नवंबर से 31 मई तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध।

  2. ओलिव रिडले कछुओं के प्रजनन के लिए सुरक्षा।

  3. गहिरमथा सहित 160 किमी तटीय क्षेत्र प्रभावित।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में दुर्लभ ओलिव रिडले कछुओं के प्रजनन काल को देखते हुए एक नवंबर से समुद्र में मछली पकड़ने और ट्रॉलर के परिचालन पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा। यह प्रतिबंध अगले वर्ष 31 मई तक यानी सात महीने प्रभावी रहेगा। 

विश्वभर में ओलिव रिडले कछुओं के प्रमुख प्रजनन स्थल के रूप में प्रसिद्ध 1437 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले गहिरमथा समुद्री अभयारण्य के साथ धामरा मुहाना से देवी मुहाना तक करीब 160 किलोमीटर के समुद्री क्षेत्र में यह पाबंदी लगाई गई है।

वन विभाग के अनुसार, गहिरमथा समुद्री अभयारण्य में पूरे साल ट्रॉलर के परिचालन और मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध है। वहीं, कछुओं के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए धामरा मुहाना से देवी मुहाना तक समुद्र तट से 20 किलोमीटर के दायरे में भी मशीनीकृत ट्रॉलर, नाव और भुटभुटी के परिचालन पर रोक रहेगी। इस क्षेत्र में मछली पकड़ना भी प्रतिबंधित रहेगा।

14 स्थानों पर बनेंगे सुरक्षा शिविर

ओलिव रिडले कछुओं की सुरक्षा के लिए बाबूबाली और मादली में दो अधिकारी शिविर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा एककूला, सातभाया, जौदिया, दोबांधी, तालचुआ, जटाधार, सांडकुद-1 और 2, हावाखाना, रामतारा तथा बंदर सहित 14 स्थानों पर कछुआ सुरक्षा शिविर बनाए जाएंगे। बाबूबाली और शासनपेटा में एपीआर (आर्म्ड पुलिस रिजर्व) बल की एक-एक सेक्शन तैनात की जाएगी।

वन विभाग ने अवैध रूप से मछली पकड़ने और ट्रॉलर के परिचालन पर अंकुश लगाने के लिए समुद्री गश्त तेज करने का निर्देश दिया है।

गश्ती नौकाएं खराब, संसाधनों की कमी

हालांकि, कछुओं की सुरक्षा के लिए गश्ती व्यवस्था के सामने संसाधनों की कमी भी चुनौती बनी हुई है। आईसीजेडएमपी के अनुदान से मिली दो स्पीड बोट गहिरमथा-1 और गहिरमथा-2 लंबे समय से खराब पड़ी हैं। फिलहाल गश्ती के लिए विभाग के पास केवल अल्विया ट्रॉलर उपलब्ध है। दूसरी ओर, धामरा पोर्ट की ओर से भी अब तक ट्रॉलर उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही किराये पर इसकी व्यवस्था हो पाई है।

इस संबंध में डीएफओ भरतराज गांवकर ने बताया कि अवैध मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए एक नवंबर से तीन ट्रॉलर गश्ती अभियान में शामिल किए जाएंगे। वन विभाग का लक्ष्य प्रजनन काल के दौरान ओलिव रिडले कछुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और समुद्री क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।

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