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चक्रवात 'अर्णब' से ओडिशा में हाहाकार, 213 मिमी बारिश से नदियां उफान पर; कंधमाल के कई गांवों का संपर्क टूटा

Published: Fri, 30 Oct 2026 09:45 AM (IST)

चक्रवात अर्णब के कारण कंधमाल जिले में भारी बारिश हुई, जिससे नदियाँ उफान पर आ गईं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई गांवों का संपर्क टूट गया।

कंधमाल के कई गांवों का संपर्क टूटा

कंधमाल के कई गांवों का संपर्क टूटा

HighLights

  1. कंधमाल में चक्रवात अर्णब से भारी बारिश, नदियाँ उफान पर।

  2. सड़कें टूटीं, पेड़ गिरे, कई गांवों का संपर्क कटा।

  3. फसलों को भारी नुकसान, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकाला गया।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णब के प्रभाव से कंधमाल जिले में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के सभी 12 ब्लाकों में औसतन 213 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 

लगातार दो दिनों तक ऊपरी क्षेत्रों में हुई मूसलधार बारिश से खड़्ग, बाघ, बृत्तंग, उत्तेई और राहुल नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर सड़कें बह जाने और पेड़ उखड़कर गिरने से गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से कट गया है।

19 परिवारों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया 

राइकिया ब्लाक की इंद्रगढ़ ग्राम पंचायत में नदी का तटबंध टूटने से गांव में पानी घुस गया। स्थिति बिगड़ने पर 90 लोगों को इंद्रगढ़ स्कूल में सुरक्षित पहुंचाया गया। वहीं, बारिश के कारण मकान ढहने से बेघर हुए 19 परिवारों को भी दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया है। दरिंगबाड़ी ब्लाक में भी 52 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

जिले में सबसे अधिक 462.80 मिमी बारिश जी. उदयगिरि में दर्ज की गई है। राइकिया में 384.80 मिमी, दरिंगबाड़ी में 273 मिमी, चकापाद में 249 मिमी, के. नुआगांव में 240.80 मिमी और फिरिंगिया में 216 मिमी बारिश हुई है। 

इसके अलावा टिकाबाली में 183 मिमी, खुजरीपड़ा में 175 मिमी, फूलबाणी में 132.60 मिमी, बालिगुड़ा में 128.60 मिमी, तुमुड़ीबंध में 79 मिमी और कोटगढ़ में 33 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

पेड़ गिरने से ठप हुआ आवागमन

भारी बारिश और तेज हवा के कारण जिले के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं। खुजरीपड़ा ब्लाक की दुतिपड़ा पंचायत के जामुझरी में पेड़ गिरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है। राइकिया ब्लाक की माणिकेश्वर पंचायत के कृहराबादा गांव में पानी घुसने के बाद बचाव अभियान चलाया जा रहा है। चकापाद घाटी में कई पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। बालिगुड़ा के मुंडासाही मार्ग, दरिंगबाड़ी-चारिछक मार्ग तथा सुंदरपंका और गदापुर मार्ग पर भी यातायात बाधित है।

पंचायतीराज मंत्री रविनारायण नायक ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन सामान्य करने का निर्देश दिया।

सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान

बारिश से जिले में धान की फसल के साथ सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि प्रभावित किसानों और परिवारों का आकलन किया जा रहा है। नुकसान की सूची तैयार होने के बाद नियमानुसार मुआवजा देने की व्यवस्था की जाएगी।

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