ओडिशा में चक्रवात 'अर्णब' का असर: गंजाम और गजपति में 2000 लोग फंसे, 70 गांव प्रभावित
ओडिशा में चक्रवात अर्णब के कारण हुई भारी बारिश से गंजाम और गजपति जिलों के 70 गांवों में लगभग 2,000 ...और पढ़ें

चक्रवात अर्णब का कहर: गंजाम और गजपति में 2,000 लोग फंसे, बचाव अभियान तेज (PTI)
HighLights
चक्रवात अर्णब से गंजाम, गजपति में 2,000 लोग फंसे।
मुख्य सचिव ने बचाव कार्यों की समीक्षा की, ओड्राफ तैनात।
आंध्र प्रदेश में रेलवे पुल पर निगरानी, ट्रेनें रोकी गईं।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में चक्रवात अर्णब के प्रभाव से हुई अत्यधिक भारी वर्षा के बाद गंजाम और गजपति जिलों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
दोनों जिलों के करीब 70 गांवों में लगभग 2,000 लोग फंसे हुए हैं। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार शाम को चक्रवात के बाद की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से फंसे हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी है। भारी बारिश के कारण नदियों में तेज बहाव जारी है।
मुख्य सचिव ने चक्रवात से प्रभावित जिलों में राहत, बचाव और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की। राजीव भवन में आयोजित बैठक में विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल भी मौजूद रहे।
पिछले 24 घंटे में गंजाम जिले के पात्रपुर ब्लाक में सर्वाधिक 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कंधमाल जिले के कुछ हिस्सों में 462 मिलीमीटर वर्षा हुई।
गजपति जिले के जी. उदयगिरि और मोहना में इस दौरान 307 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। अत्यधिक वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है और लोगों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट गया है।
बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। गंजाम में राजस्व मंडल आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जिलाधीश भी मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन चार स्थानों पर फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की संभावना का आकलन कर रहा है। अनुमान है कि 100 से 200 लोगों को एयरलिफ्ट करने की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि, प्राथमिकता ओड्राफ और जिला प्रशासन की टीमों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालने की है। मौसम और बादलों की स्थिति अनुकूल होने पर हवाई बचाव अभियान चलाने के लिए तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है।
गजपति जिले में बाघलाटी मध्यम सिंचाई बांध की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। भारी बारिश के बाद जलस्तर और पानी की आवक को नियंत्रित करने के लिए बुधवार से बांध के गेट धीरे-धीरे खोले जा रहे हैं। जिला प्रशासन फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रहा है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि बारिश कम होने के साथ स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। हालांकि, मौसम अनुकूल होने पर हवाई बचाव अभियान चलाने की तैयारी भी जारी है।
आंध्र प्रदेश में रेलवे पुल पर निगरानी, कई ट्रेनें रोकी गईं
ओडिशा से सटे आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में जारपुडी और इच्छापुरम के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या 1052 पर भी प्रशासन नजर रख रहा है।
बताया गया है कि वंशधारा नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के आसपास स्थिति पर निगरानी जरूरी हो गई है। एहतियातन पुल के दोनों ओर ट्रेनों को रोक दिया गया है। इससे कई रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि ओडिशा के नजदीक स्थित इस पुल की निगरानी की जा रही है। पुल के दोनों ओर करीब पांच से दस ट्रेनें रोकी गई हैं। इन ट्रेनों को दूसरे मार्ग से चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
