चक्रवात 'अर्णब' से ओडिशा में जनजीवन बेहाल, ओड्राफ की 20 यूनिट मैदान में; युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
चक्रवात 'अर्णब' के कारण ओडिशा, विशेषकर दक्षिण ओडिशा में तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे यातायात और संचार बाधित हुआ है।
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ओड्राफ की 20 यूनिट मैदान में
HighLights
चक्रवात 'अर्णब' से ओडिशा में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित।
ओड्राफ की 20 इकाइयां राहत और बचाव कार्य में तैनात।
पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण ओडिशा के विभिन्न इलाकों, विशेषकर दक्षिण ओडिशा में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
चक्रवात और बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों सहित विभिन्न सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए हैं, जिससे यातायात और संचार व्यवस्था बाधित हुई है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) की ओर से युद्धस्तर पर राहत एवं बहाली कार्य चलाया जा रहा है।
ओड्राफ की कुल 20 यूनिट तैनात
राज्य के चक्रवात प्रभावित विभिन्न जिलों में ओड्राफ की कुल 20 यूनिट (60 सब-यूनिट) तैनात की गई हैं। गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, नवरंगपुर, नुआपड़ा, पुरी, मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जगतसिंहपुर, कटक और खुर्दा समेत विभिन्न जिलों में ये टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बचाव एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में जुटी हैं।

बरहमपुर, भंजनगर, पात्रपुर, नुआगड़ा, मोहना, मथिली, चित्रकोंडा, बिसमकटक, राजखरियार, ब्रह्मगिरि, कणास, काकटपुर, उदला, बड़साही और बालूगांव जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी ओड्राफ की टीमें तैनात की गई हैं। चक्रवात के बाद की परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता सुनिश्चित करने के लिए ये टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।
पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकाला
चक्रवात प्रभावित तटीय और दक्षिण ओडिशा के विभिन्न ब्लाकों के निचले इलाकों में पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों और चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाया जा रहा है। बचाव अभियान में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और पालतू पशुओं को सुरक्षित निकालने तथा उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार की प्रत्यक्ष निगरानी में संबंधित रेंज के आइजी, डीआइजी और जिला पुलिस अधीक्षक ओड्राफ टीमों के कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्थिति पर लगातार निगरानी
टीमें प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तैनात हैं। सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया जा रहा है, अवरोध दूर किए जा रहे हैं और यातायात व संचार व्यवस्था को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
ओड्राफ के 24 घंटे सक्रिय आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों की परिस्थितियों का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने ओड्राफ कर्मियों के समर्पण, साहस और बचाव कार्यों की सराहना की है। उन्होंने आपदा के दौरान लोगों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, आगामी कुछ दिनों तक पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
