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चक्रवात 'अर्णब' से ओडिशा में तबाही, खतरे के निशान से ऊपर बही वंशधारा; गजपति के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Published: Thu, 29 Oct 2026 09:48 AM (IST)

चक्रवात अर्णब के प्रभाव से ओडिशा के गजपति जिले में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ...और पढ़ें

गजपति के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

गजपति के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

HighLights

  1. चक्रवात अर्णब से गजपति जिले में भारी बारिश और बाढ़।

  2. वंशधारा नदी खतरे के निशान से 0.98 मीटर ऊपर बह रही।

  3. भूस्खलन, सड़कें क्षतिग्रस्त; कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसा।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के गजपति जिले में चक्रवात अर्णब के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बहने और पेड़ उखड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। 

वहीं, जिले की प्रमुख नदियों वंशधारा और महेंद्रतनया का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वंशधारा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके मद्देनजर आंध्र प्रदेश के गोटा बैराज में सायरन बजाकर बाढ़ की पहली चेतावनी जारी की गई है। 

नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

महेंद्रतनया नदी का जलस्तर बढ़ने से गजपति जिले के गोसाणी और रायगढ़ ब्लाक के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लगातार बारिश से स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

वंशधारा नदी में खतरे के निशान से 0.98 मीटर ऊपर पानी

वंशधारा नदी में पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण आंध्र प्रदेश के गोटा बैराज में बाढ़ की पहली चेतावनी जारी की गई है। बैराज के सभी 22 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। 

गुरुवार सुबह सात बजे तक बैराज में प्रति सेकंड 56,272 घनफुट पानी पहुंच रहा था और इतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा था। बैराज का पूर्ण जलधारण स्तर 38.10 मीटर है, जबकि सुबह सात बजे जलस्तर 35.20 मीटर दर्ज किया गया।

गजपति जिले के काशीनगर में गुरुवार सुबह सात बजे वंशधारा नदी का जलस्तर 55.58 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी का चेतावनी स्तर 54.10 मीटर और खतरे का निशान 54.60 मीटर है। इस प्रकार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.98 मीटर ऊपर बह रहा है। 

जलस्तर में कुछ गिरावट के संकेत मिले हैं, लेकिन पानी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

महेंद्रतनया नदी का जलस्तर भी बढ़ा

लगातार बारिश से महेंद्रतनया नदी में भी पानी का प्रवाह बढ़ गया है। गोसाणी और रायगढ़ ब्लाक के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कुछ इलाकों में लोगों के फंसे होने के कारण आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

मोहना में सर्वाधिक 307.6 मिमी बारिश

जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) की ओर से जारी गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, गजपति जिले के आठ वर्षामापी केंद्रों पर कुल 1,357.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसत वर्षा 169.65 मिमी रही।

प्रखंडवार बारिश के आंकड़ों के अनुसार, मोहना में सर्वाधिक 307.6 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा रायगढ़ में 224 मिमी, आर. उदयगिरि में 175.1 मिमी, नुआगड़ में 163.6 मिमी, गोसाणी में 151 मिमी, गुम्मा में 150 मिमी, पारलाखेमुंडी में 106.4 मिमी और काशीनगर में 79.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा

लगातार बारिश से जिले के पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने, सड़कें क्षतिग्रस्त होने और पेड़ उखड़ने की घटनाएं हो रही हैं। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को नदी के पास नहीं जाने, पानी से भरी सड़कों को पार करने से बचने और जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। चक्रवात के प्रभाव और लगातार बारिश के बीच जिले की बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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