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Odisha: होमगार्ड्स को मिलेंगे 533 रुपये प्रतिदिन, सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा हाई कोर्ट का फैसला

Odisha होमगार्ड्स को अब 533 रुपये दैनिक मिलेंगे। इस संबंध में ओडिशा उच्च न्यायालय के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में बरकरार रखा गया है। दो न्यायाधीशों की पीठ ने होमगार्ड्स को प्रतिदिन 533 रुपये का भुगतान करने के पक्ष में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले को बरकरार रखा।

By Sheshnath RaiEdited By: Prateek JainPublished: Sat, 18 Mar 2023 03:26 PM (IST)Updated: Sat, 18 Mar 2023 03:26 PM (IST)
इस संबंध में ओडिशा उच्च न्यायालय के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में बरकरार रखा गया है।

भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता: होमगार्ड्स को अब 533 रुपये दैनिक मिलेंगे। इस संबंध में ओडिशा उच्च न्यायालय के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में बरकरार रखा गया है।

दो न्यायाधीशों की पीठ ने होमगार्ड्स को प्रतिदिन 533 रुपये का भुगतान करने के पक्ष में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले को बरकरार रखा। इस मुद्दे पर दो जजों की बेंच का फैसला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में बरकरार है।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि होमगार्ड्स को बढ़े हुए बकाए का भुगतान 1 जून, 2018 से किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, होमगार्ड्स को बढ़े हुए बकाए का भुगतान तीन महीने के भीतर कर दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जिस तरह से समय-समय पर पुलिसकर्मियों के वेतन में वृद्धि हो रही है, उसी तरह से पुलिस कर्मियों के वेतन में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज क‍िया

उच्चतम न्यायालय का यह फैसला उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों के फैसले के खिलाफ होमगार्ड्स द्वारा दायर अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करने के बाद आया है।

उधर, सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की खंडपीठ ने होमगार्ड्स और राज्य सरकार द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश सुनाया।

राज्‍य सरकार पर बढ़ेगा 189 करोड़ का बोझ

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राज्य के 17,765 होमगार्ड्स को फायदा होगा। इन बढ़े हुए बकाए के भुगतान से सरकार पर सालाना 189 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी 2020 को हाईकोर्ट ने होमगार्ड्स को बढ़ी हुई दर पर बकाया भुगतान के पक्ष में फैसला सुनाया था।

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि होमगार्ड्स को डायरेक्टर जनरल ऑफ फायर एंड होम गार्ड्स की सिफारिशों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के 2015 के आदेश के अनुसार उनके बकाए का भुगतान किया जाए।

10 नवंबर, 2016 से एकल न्यायाधीश ने होमगार्ड्स को दैनिक बकाया के रूप में 533 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष एक रिट याचिका दायर की थी।


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