ओडिशा में भारी बारिश से निपटने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, 5 जिलों में कैंप करेंगे सीनियर अफसर
दक्षिण ओडिशा में गहरे अवदाब के कारण लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित और भूस्खलन हुआ है।

ओडिशा में भारी बारिश से निपटने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, 5 जिलों में कैंप करेंगे सीनियर अफसर (PTI)
HighLights
गहरे अवदाब से दक्षिण ओडिशा में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित।
पांच जिलों में वरिष्ठ अधिकारी राहत कार्यों की निगरानी करेंगे।
भूस्खलन और सड़क बाधित होने से आवागमन मुश्किल हुआ।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। दक्षिण ओडिशा में गहरे अवदाब के प्रभाव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश से कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि भूस्खलन और तेज बहाव की घटनाएं भी सामने आई हैं।
हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने मालकानगिरी, कोरापुट, नवरंगपुर, गजपति और कालाहांडी जिलों में पांच वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। कंधमाल जिले की कलिंगा घाटी के अंधारीकोट क्षेत्र में भूस्खलन से हाल ही में चौड़ी की गई सड़क ध्वस्त हो गई है।
वन दुर्गा मंदिर के सामने निर्मित गार्ड वॉल भी टूट गया है।इसके कारण कलिंगा घाटी से आवागमन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से पत्थर गिरने और पुलों के ऊपर से पानी बहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
कोरापुट जिले में कोलाब नदी की एक शाखा में तेज बहाव के दौरान एक शिक्षक बह गए, जिनकी तलाश जारी है। वहीं मलकानगिरी जिले की बायापड़ा घाटी में भूस्खलन के कारण कुडुमुलुगुम्मा और बायापड़ा के बीच सड़क संपर्क टूट गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) सुभाष चंद्र नाथशर्मा को मलकानगिरि, दिगंत राउतराय को कोरापुट, अमिय साहू को नवरंगपुर, सिद्धार्थ शंकर आचार्य को गजपति तथा प्रदीप कुमार साहू को कालाहांडी जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी संबंधित जिलों में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे, प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाएंगे।
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