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Weather Update: दुर्गा पूजा के दौरान ओडिशा में मौसम रहेगा अनुकूल, बारिश की संभावना कम

Published: Tue, 13 Oct 2026 09:52 AM (IST)

ओडिशा में दुर्गा पूजा के दौरान मौसम ज्यादातर अनुकूल रहने की संभावना है, हालांकि कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

एआई जनरेटेज फोटो

एआई जनरेटेज फोटो

HighLights

  1. दुर्गा पूजा के दौरान ओडिशा में मौसम अनुकूल रहेगा।

  2. कुछ जिलों में 16 से 19 अक्टूबर तक हल्की बारिश।

  3. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनेगा।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में इस साल दुर्गा पूजा के दौरान मौसम के ज्यादातर अनुकूल रहने की संभावना है। हालांकि, राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से आज आसपास बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। हालांकि, वायुमंडलीय और समुद्री परिस्थितियां इस मौसमी प्रणाली को अधिक शक्तिशाली होने से रोक सकती हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस प्रणाली के प्रभाव से 14 अक्टूबर को ओडिशा के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

16 से 19 अक्टूबर तक बारिश के आसार

तटीय ओडिशा के बालेश्वर, भद्रक, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक, खुर्दा, गंजाम और गजपति जिलों में 16 से 19 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

शुरुआती दिनों में बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं, 20 अक्टूबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने तथा राज्य के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम का यह पूर्वानुमान दुर्गा पूजा की तैयारियों में जुटे आयोजकों, पूजा समितियों और श्रद्धालुओं के लिए राहत भरा है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति में बदलाव हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी में तेजी

आइएमडी के क्षेत्रीय केंद्र ने जारी बुलेटिन में बताया कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसी अवधि में दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू होने की भी संभावना है।

बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायुमंडल में बना चक्रवाती परिसंचरण अब भी सक्रिय है और समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

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