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Odisha Cyclone: अक्टूबर के अंत में ओडिशा में आ सकता है भीषण चक्रवाती तूफान, अंडमान सागर में बन रहा सिस्टम

Published: Sun, 18 Oct 2026 11:17 AM (IST)

बंगाल की खाड़ी में अक्टूबर के अंत तक चक्रवात आने की आशंका है, विभिन्न मौसम मॉडल ओडिशा तट पर इसके टकराने का अनुमान लगा रहे हैं।

ओडिशा में आ सकता है भीषण चक्रवाती तूफान (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

ओडिशा में आ सकता है भीषण चक्रवाती तूफान (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. अक्टूबर अंत तक बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की आशंका।

  2. ईसीएमडब्ल्यूएफ मॉडल ओडिशा तट पर टकराने का अनुमान।

  3. आईएमडी ने अभी तक कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। महीने के अंत में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आने की आशंका जताई जा रही है। विभिन्न मौसम मॉडल के अनुसार, 29-30 अक्टूबर के आसपास चक्रवात ओडिशा के तट से टकरा सकता है। कुछ मॉडल इसके शक्तिशाली रूप में ओडिशा के तट पर पहुंचने का अनुमान भी लगा रहे हैं। हालांकि, अभी से इसकी तीव्रता, संभावित मार्ग और तट से टकराने के स्थान के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहना संभव नहीं है।

इसके बावजूद, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के पूर्वानुमान और अक्टूबर महीने में चक्रवात आने की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र की सतह का तापमान अधिक होने से चक्रवात के गठन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने पहले अनुमान जताया था कि 21 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है। इसके प्रभाव से 24 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। वहीं, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के ताजा पूर्वानुमान में अक्टूबर के अंत तक बंगाल की खाड़ी में चक्रवात विकसित होने की आशंका जताई गई है।

ईसीएमडब्ल्यूएफ मॉडल ने जताई ओडिशा तट पर टकराने की आशंका

अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडल ईसीएमडब्ल्यूएफ के अनुसार, संभावित चक्रवात 29-30 अक्टूबर के आसपास ओडिशा तट से टकरा सकता है। इसके पारादीप के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मॉडल के संभावित आकलन में वायुमंडलीय दबाव के आधार पर चक्रवात के अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान (एक्सट्रीमली सीवियर साइक्लोन) का रूप लेने की आशंका भी दिखाई गई है। हालांकि, यह अभी केवल मॉडल आधारित अनुमान है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों ने भी जताई चक्रवात की संभावना

शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (सोआ) के जलवायु एवं पर्यावरण केंद्र के निदेशक तथा प्रख्यात मौसम विज्ञानी डॉ. शरत चंद्र साहू के आकलन के अनुसार, 22 अक्टूबर के आसपास दक्षिण अंडमान सागर में चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे सघन होकर शक्तिशाली चक्रवात का रूप ले सकता है। उनके अनुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर के आसपास इसके स्थल भाग में प्रवेश करने की संभावना है।

हालांकि, डॉ. साहू ने स्पष्ट किया कि यह प्रारंभिक आकलन है। अभी संभावित चक्रवात के मार्ग, तीव्रता और स्थल भाग से टकराने के स्थान के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।

चक्रवात की आशंका को लेकर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं 

वहीं, जीएफएस मॉडल चक्रवात के बांग्लादेश की ओर बढ़ने की संभावना जता रहा है, जबकि जीएफएस के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित मॉडल के अनुसार, यह 28-29 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। अलग-अलग मॉडलों के पूर्वानुमान में अंतर होने के कारण चक्रवात की संभावित दिशा को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।

मौसम विज्ञानी विश्वजीत साहू के अनुसार, 24 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 20 अक्टूबर के आसपास इस संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकती है। फिलहाल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात की आशंका को लेकर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की है।

कुछ मौसम मॉडल अंडमान सागर में चक्रवाती परिसंचरण बनने का अनुमान लगा रहे हैं, जबकि कुछ एआइ आधारित मॉडल दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में इसकी संभावना जता रहे हैं। यदि अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, तो इसके आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट की ओर बढ़ने की संभावना अधिक हो सकती है।

फिलहाल राज्य में भारी बारिश की संभावना नहीं

दूसरी ओर, मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ओडिशा में भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

रविवार को बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, मयूरभंज, केन्दुझर, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कालाहांडी, रायगड़ा, गंजाम, गजपति, कोरापुट और नवरंगपुर जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

19, 20, 21 और 22 अक्टूबर को बारिश की संभावना और कम रहने का अनुमान है। इन दिनों केवल दक्षिण ओडिशा के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

गौरतलब है कि चक्रवात के संबंध में अभी जो आकलन सामने आए हैं, वे विभिन्न मौसम मॉडलों पर आधारित प्रारंभिक अनुमान हैं। इसकी वास्तविक तीव्रता, दिशा और संभावित तट-प्रवेश के बारे में आधिकारिक पुष्टि होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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