भुवनेश्वर, जासं। ढेंकानाल जिला कमलांग गांव के पास 11 केवी बिजली तार के चपेट में आने से हुई सात हाथियों की मौत के मामले की क्राइम ब्रांच जांच करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को निर्देश दिया है। इस हादसे पर दुख प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह तीन सदस्यीय टीम आज घटना स्थल पहुंचकर स्थिति का मुआयना करते हुए जांच शुरू कर दी है। 

3 वन एवं 3 सेसु कर्मचारी निलंबित, मेरामुण्डली जूनियर इंजीनियर नौकरी से बर्खास्त

बिजली की तार के चपेट में आने से हुई 7 हाथियों की मृत्यु मामले में वन विभाग के तीन एवं सेंट्रल इलेक्ट्रिकसिटी सप्लाई यूनिट (सेसु) के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसमें ढेंकानाल वनखण्ड के रेंज अधिकारी प्रशांत कुमार विश्वाल, फारेस्टर प्रभाकर रणा के साथ मेरूमण्डली सेक्शन के वन सुरक्षा कर्मचारी गिरिश चन्द्र देहुरी को कार्य से निलंबित कर दिए जाने की जानकारी वन विभाग के प्रधान मुख्य संरक्षक संदीप त्रिपाठी ने दी है।

उन्होंने कहा है कि बिजली लाइन एवं ट्रांसमिशन लाइनों के गैर केबलिंग सुधार के कारण यह हादसा हुआ है। उसी तरह से सेसु की तरफ से भी कार्रवाई की गई है। सेसु की तरफ से जिन तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है उसमें ढेंकानाल बिजली मंडल के इजीनियर नरेश चन्द्र पटनायक, चाइंपाल एसडीओ आर्तत्राण नायक एवं मेरामुण्डली के लाइनमैन फिरोज पंडा शामिल हैं। इसके अलावा मेरामुण्डली के जूनियर इंजीनियर संजय कुमार महांती को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। 

गौरतलब है कि शनिवार को ढेंकानाल जिला के कमलांग गांव के पास रेलवे ब्रीज काम के लिए खींचे गए बिजली तार की चपेट में आ जाने से 7 हाथियों की मौत हो गई थी। पशु प्रेमियों ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर की थी और मामले कार्रवाई करने की मांग की थी। जानकारी के मुताबिक रेलवे ब्रीज काम के लिए बिजली विभाग की तरफ से यह बिजली का तार खींचा गया था। 

ओडिशा में करंट की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत

ओडिशा के ढेंकानाल जिले के कमलांग नहर के पास शुक्रवार देर शाम बिजली के तार की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हो गई। इनमें दो नर हाथी, चार मादा हाथी और एक बच्चा शामिल है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच कर छानबीन में जुट गए। बताया जा रहा है कि 20 हाथियों का झुंड यहां के हाथी कॉरिडोर से दो झुंडों में विभक्त होकर निकला था। एक झुंड में 13 हाथी थे, जबकि दूसरे झुंड में सात हाथी थे। इन्हीं में से सात हाथियों का झुंड बिजली के तार की चपेट में आ गया। घटनास्थल पर हाथियों को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।

लोगों का कहना है कि सरकारी नियम को ताक पर रखकर एक निजी कंपनी ने महज आठ फीट की ऊंचाई पर बिजली का तार खींच दिया था, जबकि इसकी ऊंचाई कम से कम 17 फीट होनी चाहिए। हाथियों का झुंड उसी रास्ते से गुजर रहा था कि बिजली के तार की चपेट में आ गया और उनकी मौत हो गई। इतनी संख्या में एक साथ हाथियों की मौत होने पर पशु प्रेमियों ने दुख प्रकट किया है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से दुर्घटना हुई है। किन परिस्थितियों में हाथियों के आवागमन वाले रास्ते पर इतनी कम ऊंचाई पर बिजली का तार खींचा गया, इसकी जांच करके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने इस हादसे के लिए रेलवे को भी जिम्मेदार बताया, क्योंकि तार रेलवे ट्रैक बनाने के लिए बिछाए गए थे।

ओडिशा में आए दिन होती है मौत ओडिशा में आए दिन हाथियों की अप्राकृतिक मौत होती रहती है। एक रिपोर्ट के अनुसार ओडिशा में 1990 के बाद से अबतक 1400 हाथियों की मौत अप्राकृतिक तरीके से हुई है। इनमें से 87 मौतें बिजली के तार के चपेट में आने से हुई हैं।

 

Posted By: Sachin Mishra

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