मुख्यमंत्री माझी ने किया मेक इन इंडिया डॉप्लर रडार का उद्घाटन, 13 जिलों को मिलेगा मौसम का सटीक अपडेट
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने संबलपुर में 960 करोड़ रुपये की 50 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री माझी ने किया मेक इन इंडिया डॉप्लर रडार का उद्घाटन
HighLights
संबलपुर में 960 करोड़ की 50 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन।
अत्याधुनिक 'मेक इन इंडिया' डॉप्लर मौसम रडार का लोकार्पण।
पश्चिमी ओडिशा के 13 जिलों को मिलेगा सटीक मौसम पूर्वानुमान।
संवाद सहयोगी, संबलपुर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को संबलपुरवासियों को 960 करोड़ रुपये की 50 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। संबलपुर के गंगाधर मेहेर विश्वविद्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ ही पश्चिमी ओडिशा के आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक मेक इन इंडिया डॉप्लर मौसम रडार का भी लोकार्पण किया। यह देश का 51वां और ओडिशा का तीसरा डॉप्लर रडार है।
मुख्यमंत्री माझी ने इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि संबलपुर पश्चिमी ओडिशा की कला, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है तथा 'समृद्ध ओडिशा 2036' के गठन संकल्प में यह राज्य सरकार की विकास यात्रा का मुख्य केंद्र है। उन्होंने आराध्य देवी मां समलेश्वरी, वीर सुरेंद्र साय और स्वभाव कवि गंगाधर मेहर जैसी महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
15 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कुल 960 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से 133.47 करोड़ रुपये की 15 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसके अलावा 825.83 करोड़ रुपये की 35 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है।
इनमें सड़क और भवन निर्माण के लिए 585 करोड़, जल संसाधन क्षेत्र में 220.56 करोड़ की मेगा लिफ्ट सिंचाई, क्रीड़ा के लिए 74.72 करोड़ और ग्रामीण विकास के तहत कुचिंडा के लिए 60.50 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।
24 घंटे कार्यरत रहने वाला राज्य का यह तीसरा रडार
संबलपुर में स्थापित यह नया डॉप्लर मौसम रडार मौसम पूर्वानुमान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। पारादीप और गोपालपुर के बाद 24 घंटे कार्यरत रहने वाला राज्य का यह तीसरा रडार 250 किलोमीटर की परिधि में मौसम की सटीक जानकारी और 450 किलोमीटर तक मौसम गतिविधियों का सटीक पूर्वानुमान दे सकेगा।
इससे संबलपुर, बरगढ़ और झारसुगुड़ा सहित 13 जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह रडार हर 10 मिनट में 150 मीटर रिजोल्यूशन में वर्षा का आकलन करेगा, जिससे हीराकुद जलाशय के जलप्रवाह प्रबंधन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
आंधी और वज्रपात की अग्रिम सूचना
इसके अलावा प्री-मानसून आंधी और वज्रपात की अग्रिम सूचना से महानदी बेसिन के किसानों को विशेष राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले एक वर्ष में सितंबर माह तक संबलपुर के लिए 1,910 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। इनमें शहर को जल संकट से मुक्त करने के लिए अमृत 2.0 के तहत 450 करोड़ रुपये का ड्रिंक फ्रॉम टैप प्रोजेक्ट भी शामिल है।
समारोह में वर्चुअल रूप से जुड़े केंद्रीय भू-विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि देश में मौसम प्रणाली को और उन्नत बनाने के लिए 40 और डॉप्लर रडार स्थापित किए जाएंगे। राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने इसे पश्चिमी ओडिशा की पुरानी मांग का पूरा होना बताया और घोषणा की कि जल्द ही बालेश्वर, भुवनेश्वर और पुरी में भी नए डॉप्लर रडार लगाए जाएंगे।
