ओडिशा के 575 किमी लंबे समुद्री तट की सुरक्षा परखने उतरी एजेंसियां, पारादीप में 'सागर कवच-2' अभ्यास शुरू
ओडिशा के समुद्री तट और बंदरगाहों की सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से पारादीप में दो दिवसीय संयुक्त सुरक्षा अभ्यास 'सागर कवच-2' शुरू हुआ है।

पारादीप में सागर कवच-2 अभ्यास शुरू
HighLights
पारादीप में 'सागर कवच-2' संयुक्त सुरक्षा अभ्यास शुरू।
ओडिशा के समुद्री तटों और बंदरगाहों की सुरक्षा मजबूत होगी।
आतंकी घुसपैठ, तस्करी से निपटने की क्षमता का परीक्षण।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के समुद्री तट और बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पारादीप में दो दिवसीय संयुक्त सुरक्षा अभ्यास ‘सागर कवच-2’ शुरू हुआ है। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र की तैयारियों का आकलन करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से यह अभ्यास आयोजित किया जाता है। इस बार के अभ्यास में 18 से अधिक विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी एवं जवान भाग लिए हैं।
अभ्यास के दौरान समुद्र और तटीय क्षेत्रों में
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किसी भी संभावित आतंकी घुसपैठ, तस्करी या सुरक्षा खतरे से निपटने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
गहरे समुद्र में भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, मरीन पुलिस और मत्स्य विभाग की टीमें संयुक्त रूप से निगरानी और अभियान चलाएंगी। वहीं तटवर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को परखा जाएगा।
हमले को विफल करने का अभ्यास किया
अधिकारियों के अनुसार, अभ्यास में शामिल एजेंसियों को दो हिस्सों में बांटा गया है।रेड टीम आतंकवादियों और घुसपैठियों की भूमिका निभा रही हैं, जबकि ब्लू टीम सुरक्षा बलों की भूमिका में हैं।रेड टीम समुद्र के रास्ते तट तक पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर घुसपैठ और हमले का प्रयास कर रही हैं। इसके बाद ब्लू टीम समय रहते घुसपैठ की सूचना प्राप्त कर कार्रवाई करते हुए हमले को विफल करने का अभ्यास किया है।
इस अभ्यास में कस्टम विभाग, अग्निशमन सेवा, ओडिशा पुलिस, वन विभाग, पारादीप पोर्ट अथॉरिटी, खुफिया विभाग, ओड्राफ और एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां शामिल हैं। समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध नौकाओं की जांच, संचार व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की जाएगी।
575 किलोमीटर लंबा समुद्री तट रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा का 575 किलोमीटर लंबा समुद्री तट रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में समुद्री मार्ग से किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, घुसपैठ या आतंकी साजिश को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों का सतर्क और समन्वित रहना आवश्यक है।
‘सागर कवच-2’ के माध्यम से सुरक्षा बलों की तैयारियों, संसाधनों और आपसी तालमेल की वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षा ली जा रही है।अभ्यास के दौरान पारादीप तट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के आधार पर सुरक्षा तंत्र की कमियों और चुनौतियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की दिशा में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
