BJD में बड़ी कार्रवाई: ओडिशा में 4 जिलों के 4 नेताओं को नवीन पटनायक ने दिखाया बाहर का रास्ता
ओडिशा में बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में चार नेताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

BJD में बड़ी कार्रवाई: ओडिशा में 4 जिलों के 4 नेताओं को नवीन पटनायक ने दिखाया बाहर का रास्ता (PTI)
HighLights
नवीन पटनायक ने चार बीजद नेताओं को निलंबित किया।
निलंबन पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में किया गया।
नेता बालेश्वर, बलांगीर, मलकानगिरि, गंजाम जिलों से।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) के भीतर पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की गई है। पार्टी अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में चार नेताओं को निलंबित कर दिया है।
निलंबित किए गए नेताओं का संबंध राज्य के चार अलग-अलग जिलों से है। इनमें बालेश्वर, बलांगीर, मलकानगिरि और गंजाम जिले के नेता शामिल हैं। पार्टी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
बीजद के महासचिव विजय नयन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि विभिन्न ब्लॉक और शहरी स्थानीय निकायों से जुड़े पार्टी नेताओं को निलंबित किया गया है।
हालांकि, उपलब्ध आदेश में संबंधित नेताओं की कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के विस्तृत ब्योरे का उल्लेख नहीं किया गया है।
निलंबित किए गए नेताओं में बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक के हुगुली ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच तपन कुमार पंडा शामिल हैं। इसी तरह बलांगीर जिले के सैंतला ब्लॉक के जिला परिषद सदस्य हिमांचल बुडेक पर भी पार्टी ने कार्रवाई की है।
मलकानगिरि जिले के पोडिया ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रबित कुमार को भी निलंबित किया गया है। वहीं, गंजाम जिले के कबिसूर्यनगर अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) के पार्षद मनोरंजन महापात्र को भी पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में की गई कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बीजद की ओर से इन चारों नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि बीजू जनता दल ओडिशा की प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों में से एक है। नवीन पटनायक के नेतृत्व में पार्टी ने राज्य में लंबे समय तक शासन किया है।
ऐसे में पार्टी के अलग-अलग जिलों के नेताओं पर एक साथ की गई यह कार्रवाई संगठन के भीतर अनुशासन और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर पार्टी नेतृत्व के रुख को दर्शाती है।
