मयूरभंज के 201 गांवों तक नहीं पहुंची सड़क, दुर्गम इलाकों में सहारा बन रही बाइक एंबुलेंस
ओडिशा के मयूरभंज जिले के 201 गांवों में सड़क न होने के कारण बाइक एंबुलेंस जीवनरक्षक साबित हो रही है।

बाइक एंबुलेंस। फोटो जागरण
HighLights
मयूरभंज के 201 गांवों में सड़क संपर्क का अभाव।
बाइक एंबुलेंस ने 6000+ मरीजों को आपातकालीन सेवा दी।
दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के मयूरभंज जिले के 201 गांवों तक अब भी सड़क नहीं पहुंच पाई है। ऐसे दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाइक एंबुलेंस जीवनरक्षक साबित हो रही है।
जिला स्वास्थ्य समिति के संचालन में चल रही इस सेवा के माध्यम से वर्ष 2021 से मार्च 2026 के बीच छह हजार से अधिक मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इससे बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को काफी राहत मिली है।
आशा कार्यकर्ता या किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर सूचना मिलने के बाद बाइक एंबुलेंस मरीज के घर पहुंचती है। इसके बाद मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया जाता है। उपचार के बाद मरीज को वापस घर भी पहुंचाया जाता है।
चार प्रखंडों में चल रही सेवा
ओडिशा खनिज धारक क्षेत्र विकास निगम (ओएमबीडीएसी) की आर्थिक सहायता से वर्ष 2021 में जिले के चार प्रखंडों में बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी।
इनमें रायरंगपुर, जशीपुर, कुसुमी और बिजातला प्रखंड शामिल हैं। प्रत्येक प्रखंड में एक-एक बाइक एंबुलेंस संचालित की जा रही है।
इन सभी को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
बिजातला प्रखंड के रणगांव निवासी सार्गरु मारांडी और आशा कार्यकर्ता मीना महांती के अनुसार, दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य एंबुलेंस का पहुंचना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में बाइक एंबुलेंस स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मददगार साबित हो रही है।
कई गांवों तक बाइक एंबुलेंस भी पहुंचने में असमर्थ
जानकारों का कहना है कि जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सामान्य एंबुलेंस, उन्नत एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
इसके बावजूद जिले में ऐसे कई गांव हैं, जहां सड़क नहीं होने के कारण बाइक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती। इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है।
ऐसे में दुर्गम गांवों तक सड़क निर्माण कराने और प्रत्येक व्यक्ति को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
केवल एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अंतिम छोर पर बसे गांवों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क संपर्क भी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
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