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भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद का चुनाव स्थगित, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के बाद लिया गया फैसला

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:30 PM (IST)

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद का चुनाव मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के आरोपों के कारण स्थगित कर दिया ...और पढ़ें

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद का चुनाव स्थगित

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद का चुनाव स्थगित

HighLights

  1. भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज अध्यक्ष पद चुनाव स्थगित।

  2. मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप मुख्य कारण।

  3. पारदर्शिता की कमी और दबाव की शिकायतें सामने आईं।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चल रहे विवाद की गूंज अब सामाजिक संगठनों के चुनावों तक पहुंच गई है। राजधानी भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद के चुनाव में भी मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद ने चुनावी माहौल गरमा दिया है। 

मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और कुछ सदस्यों की आपत्तियों के बाद समाज द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी को चार अक्टूबर को प्रस्तावित चुनाव फिलहाल स्थगित करना पड़ा है।

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद चुनाव

जानकारी के अनुसार, भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए सीधा चुनाव कराया जा रहा था। चुनाव मैदान में कमल अग्रवाल (संदुका) और उमेश खंडेलवाल आमने-सामने हैं। दोनों उम्मीदवारों ने नामांकन के बाद व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया था। 

समर्थकों को साधने के लिए विभिन्न बैठकों और सामूहिक भोज के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे थे। ऐसे में मतदान से ठीक पहले चुनाव स्थगित होने से समाज में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं 

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव की मतदाता सूची को लेकर कई सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। कुछ सदस्यों का आरोप है कि सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसी मुद्दे को लेकर समाज के भीतर बहस तेज हो गई और कई लोगों ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एसआइआर विवाद से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। समाज के सदस्यों के बीच यह चर्चा रही कि जब मतदाता सूची पर सवाल उठेंगे तो निष्पक्ष चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

इसी बीच कुछ सदस्यों ने फोन पर एक पक्ष विशेष के समर्थन में मतदान करने के लिए दबाव बनाए जाने तथा धमकी दिए जाने की शिकायत भी की है। कुछ शिकायतों में राजनीतिक दलों का नाम लेकर प्रभावित करने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही चुनाव अधिकारी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी की गई है।

फिलहाल नई तिथि घोषित नहीं 

चुनाव अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न होने और विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए मतदान स्थगित करने की घोषणा की है। फिलहाल नई तिथि घोषित नहीं की गई है। चुनाव टलने के बाद दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब समाज के सदस्य इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि मतदाता सूची संबंधी आपत्तियों का समाधान कैसे किया जाएगा और चुनाव की नई तारीख कब घोषित होगी।

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