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भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज चुनाव: इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला, 4 अक्टूबर को वोटिंग

Published: Thu, 01 Oct 2026 10:54 AM (IST)

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद के लिए 4 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में कमल अग्रवाल अपनी कार्ययोजना साझा ...और पढ़ें

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज चुनाव

भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज चुनाव

HighLights

  1. भुवनेश्वर मारवाड़ भवन का आधुनिकीकरण और नवीनीकरण प्राथमिकता।

  2. समाज के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया डायग्नोस्टिक सेंटर।

  3. युवा उद्यमियों के लिए बिजनेस सपोर्ट सर्विस और गौशाला स्थापना।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। भुवनेश्वर मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पद के लिए भुवनेश्वर के मारवाड़ी समाज के इतिहास में पहली बार चार अक्टूबर को होने वाले  अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी एवं पीजीएल ग्रुप एंटरप्राइजेज के एमडी सह सीईओ कमल अग्रवाल चंदुका समाज के विभिन्न घटकों, वरिष्ठ सदस्यों, युवाओं और महिलाओं से लगातार संपर्क कर अपने विजन और कार्ययोजना को साझा कर रहे हैं। 

उनका कहना है कि समाज सेवा और समर्पण का संस्कार उन्हें अपने पिता स्वर्गीय सीताराम चंदुका जी से विरासत में मिला है और यही भावना उन्हें समाज के लिए कुछ बेहतर करने की प्रेरणा देती है।

बचपन से ही व्यापार और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे

कमल अग्रवाल का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में राजनीति करना नहीं, बल्कि समाज के सदस्यों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना है। वे बचपन से ही व्यापार और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। युवा मंच के सक्रिय सदस्य, सीआईआई यंग इंडिया के चेयरपर्सन तथा आपणो परिवार के संस्थापक सदस्य के रूप में उन्होंने विभिन्न सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया है। 

उनका मानना है कि समाज की मजबूती केवल आयोजनों से नहीं, बल्कि सदस्यों के जीवन से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने से आती है।

माज के लोगों का समर्थन मिल रहा

कमल अग्रवाल ने बताया कि समाज के निवर्तमान अध्यक्ष संजय लाठ एवं उनकी पूरी टीम, वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष भुरा, सहित समाज के विभिन्न घटकों के पदाधिकारी सदस्यों का उन्हें आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। 

नामांकन दाखिल करने के बाद से लगातार समाज के लोगों का समर्थन मिल रहा है, जिससे उनका उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा से उनका जुड़ाव नया नहीं है, लेकिन यदि समाज उन्हें अवसर देता है तो अध्यक्ष पद पर रहते हुए वह इसे और व्यापक स्वरूप देना चाहेंगे।

समाज की सदस्यता बढ़ाने पर विशेष ध्यान 

उन्होंने समाज के विकास के लिए अपनी प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार भुवनेश्वर मारवाड़ भवन का आधुनिकीकरण और नवीनीकरण, समाज के लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया डायग्नोस्टिक सेंटर, युवा उद्यमियों के लिए बिजनेस सपोर्ट सर्विस, गौसेवा के लिए गौशाला की स्थापना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालय निर्माण तथा समाज की सदस्यता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

इसके साथ ही मारवाड़ी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए मातृभाषा आधारित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने तथा युवाओं के सामने विवाह संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए भी ठोस पहल की जाएगी।

कमल अग्रवाल का कहना है कि सत्य और सेवा उनके जीवन के मूल मंत्र रहे हैं। स्कूली जीवन में वह स्काउट गतिविधियों से जुड़े रहे और बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में भी जाते रहे हैं। इसी कारण समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा का भाव उनके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बन गया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले वह समाज के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, चाहे वह उनके समर्थक हों या विरोधी।

नेतृत्व का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं

उन्होंने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास जीतना और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। विनम्रता के साथ उन्होंने कहा, “मैं पुरुषोत्तम तो नहीं हूं, लेकिन उत्तम बनने का प्रयास हमेशा करता हूं। मुझे विश्वास है कि समाज सेवा के मेरे संकल्प और कार्ययोजना को देखते हुए समाज मुझे एक अवसर अवश्य देगा।”

मारवाड़ी समाज के चुनावी माहौल के बीच कमल अग्रवाल की यह सकारात्मक और विकासोन्मुखी सोच चर्चा का विषय बनी हुई है। समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सहभागिता बढ़ाने पर उनका जोर उन्हें अन्य प्रत्याशियों से अलग पहचान दिला रहा है।

कमल अग्रवाल  का मुकाबला उमेश खंडेलवाल के साथ है और दोनों उम्मीदवार अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जनसंपर्क अभियान तेज कर दिए हैं।

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