भुवनेश्वर, जेएनएन। राज्य को संपूर्ण मलेरिया मुक्त बनाने के लिए सरकार ने दो संस्थाओं के साथ करार किया है। स्वास्थ्य मंत्री प्रताप जेना की उपस्थिति में मंगलवार को विभाग ने अमेरिकी संस्था 'मलेरिया नो मोर' एवं 'मलेरिया निराकरण ट्रस्ट' के साथ करारनामा पर हस्ताक्षर किया है। मलेरिया नो मोर एवं मलेरिया निराकरण ट्रस्ट राज्य में संपूर्ण मलेरिया निराकरण की दिशा में विशेष रणनीति तैयार करने में मदद करेगी।

लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। इस मौके पर मंत्री जेना ने कहा कि राज्य में मलेरिया निराकरण की दिशा में सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार की दमन योजना के कार्यकारी होने के बाद से राज्य में 84 फीसद मलेरिया रोगियों की संख्या में कमी आयी है। मलेरिया नियंत्रण के क्षेत्र में सरकार की इस सफलता ने भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस कार्यक्रम की सराहना की है। अब इन दोनों ट्रस्ट की मदद से राज्य को आसानी से मलेरिया मुक्त किया जा सकेगा, सरकार को ऐसा विश्वास है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 में राज्य में 3 लाख 95 हजार लोग मलेरिया से पीड़ित हुए थे, जिसमें से 89 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2015 में पीड़ितों की संख्या बढ़कर 4 लाख 36 हजार 792 तक पहुंच गई और 80 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। वर्ष 2016 में 4 लाख 49 हजार 697 लोग पीड़ित हुए, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2017 में 3 लाख 52 हजार 210 लोग मलेरिया से पीड़ित हुए और 24 लोगों की मौत हुई थी। यह सरकारी आंकड़ा है।

इस साल जुलाई महीने तक राज्य में 41 हजार 937 लोग मलेरिया से पीड़ित पाए गए इसमें से मात्र दो लोगों की मौत हुई है। दमन कार्यक्रम में राज्य सरकार ने एक करोड़ 13 लाख दवा युक्त मच्छरदानी आवंटित करने के साथ विभिन्न तरीके से इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। स्वास्थ्य विभाग सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस करारनामा हस्ताक्षर कार्यक्रम में विभागीय सचिव डॉ. प्रमोद कुमार मेहर्दा, निदेशक डॉ. ब्रजकिशोर ब्रह्मा, मलेरिया नो मोर के सीईओ मार्टिन एवं मलेरिया निराकरण ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. कौशिक सरकार ने समझौता पर हस्ताक्षर किया।