संवादसूत्र, भुवनेश्वर : पुरातत्व विभाग की ओर से पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर की जांच का कार्य पूरा कर लिया गया है। विशेषज्ञों ने जांच में पाया है कि नाट्य मंदिर मे हल्की दरार है मगर इससे विशेष खतरा नहीं है। एएसआइ और कोर कमेटी के सदस्य पिछले 3 दिन से श्रीमंदिर की जांच कर रहे थे। बुधवार को जांच का कार्य समाप्त होने के बाद कमेटी की ओर से बताया गया है कि नाट्य मंदिर सहित जगमोहन को कोई खतरा नहीं है। जांच के दौरान पता चला कि जगमोहन में हवा का आवागमन सही नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा नाट्य मंदिर की छत को वाटर प्रूफ बनाने के लिए आइआइटी खड़गपुर से ब्लू ¨प्रट तैयार करने को कहा गया है। कोर कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर आनन्द प्राण गुप्ता ने बताया कि नाट्य मंदिर के बीम की जांच के लिए आइआइटी खड़गपुर व मद्रास को जिम्मेदारी दी जाएगी। नाट्य मंदिर के उत्तर-दक्षिण छत से पानी का रिसाव हो रहा है। विशेषज्ञ कमेटी ने मंदिर के अंदर कबूतरों का प्रवेश रोकने के लिए जाली लगाने का भी प्रस्ताव दिया है। तीन दिन चली इस जांच में आइआइटी मद्रास के प्रो.अरुण मेनन, अमलान सेनगुप्ता, आइआइटी खड़गपुर के प्रो. एसके भट्टाचार्य, एएसआइ के क्षेत्रीय निदेशक नंदिनी साहू, पूर्व निदेशक अशोक कुमार पटेल, पूर्व संयुक्त महानिदेशक एसबी होता प्रमुख शामिल थे।

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